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BNMU सेहत संवाद कार्यक्रम आयोजित। रेबीज से बचने के लिए सावधानी जरूरी

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*सेहत संवाद कार्यक्रम आयोजित*
रेबीज से बचने के लिए सावधानी जरूरी
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रेबीज़ (अलर्क, जलांतक) एक विषाणु जनित बीमारी है। इसके कारण अत्यंत तेज इन्सेफेलाइटिस (मस्तिष्क का सूजन) इंसानों एवं अन्य गर्म रक्तयुक्त जानवरों में हो जाता है।

यह बात इमर्जेंसी मेडिकल यूनिट, पंडित मदन मोहन मालवीय हास्पिटल, दिल्ली सरकार, दिल्ली के इंचार्ज डॉ. एम. एस. प्रियदर्शी ने कही। वे गुरुवार को रैबीज : कारण एवं निवारण विषयक सेहत संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के सौजन्य से संचालित सेहत केंद्र के तत्वावधान में किया गया।

उन्होंने कहा कि रेबीज का प्रारंभिक लक्षणों में बुखार और एक्सपोजर के स्थल पर झुनझुनी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा हिंसक गतिविधि, अनियंत्रित उत्तेजना, पानी से डर, शरीर के अंगों को हिलाने में असमर्थता, भ्रम, और होश खो देना शामिल है।

उन्होंने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। रेबीज बिमारी की दवा, कोई ईलाज नहीं सिर्फ एक मात्र उपाय बचाव है।

उन्होंने कहा कि रेबीज का लक्षण प्रकट होने के बाद एकका परिणाम प्रायः हमेशा मौत है। रोग संक्रमण और लक्षणों की शुरुआत के बीच की अवधि आमतौर पर एक से तीन महीने होती है। यह समय अवधि एक सप्ताह से कम से लेकर एक वर्ष से अधिक तक में बदल सकती है।

उन्होंने बताया कि रेबीज़ का संचरण जानवरों की लार के माध्यम से हो सकता है। इसका संक्रमण एक जानवर से दूसरे जानवर और फिर मनुष्य में होता है।
उन्होंने बताया कि रेबीज के 90 प्रतिशत मामले कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़ और कुछ हद तक खरगोश से होता है।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले किसी कुत्ते या अन्य ऐसे जानवर के काटे जगह को सिर्फ पानी और साबुन से तुरंत धोना है। बहुत लोग बहुत कुछ जैसे- हल्दी, मिर्ची आदि लगाकर आ जाते है, ऐसा नहीं करना है। फिर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर टीका लगाना है।

कार्यक्रम के आयोजन सचिव सह दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि इसके अंतर्गत 14-20 दिसंबर, 2023 तक
प्रतिदिन अपराह्न 02 : 00-03 : 00 बजे तक निर्धारित विषय पर संवाद होगा। 15 दिसंबर को हायपरटेंशन : कारण एवं निवारण, 16 दिसंबर को कब्ज एवं जठरदोष, 17 दिसंबर को सिरदर्द एवं माइग्रेशन, 18 दिसंबर को आघात, 19 दिसंबर को टायफाइड एवं 20 दिसंबर को आंत ज्वर विषयक संवाद सुनिश्चित है।

डाॅ. शेखर ने बताया कि मुख्य वक्ता पब्लिक हेल्थ एम्पावरमेंट एंड रिसर्च आर्गेनाईजेशन, नई दिल्ली के सीईओ डॉ. विनीत भार्गव एवं इमर्जेंसी मेडिकल यूनिट, पंडित मदन मोहन मालवीय हास्पिटल, दिल्ली सरकार, दिल्ली के इंचार्ज डॉ. एम. एस. प्रियदर्शी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डाॅ. कैलाश प्रसाद यादव करेंगे।

प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से कार्यक्रम में जुड़ने का अनुरोध किया है। कार्यक्रम गूगल मीट पर आयोजित होगा। लिंक- https://meet.google.com/zkt-fqqj-ctb है।

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