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Bihar दर्शन परिषद् का तीन दिवसीय अधिवेशन संपन्न। दर्शन ही है मेरा जीवन : प्रो. आर. पी. श्रीवास्तव

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दर्शन परिषद् का तीन दिवसीय अधिवेशन संपन्न
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दर्शन ही है मेरा जीवन : प्रो. आर. पी. श्रीवास्तव

रामेश्वर कॉलेज, मुजफ्फरपुर में दर्शन परिषद्, बिहार के तीन दिवसीय 45वें अधिवेशन का 23 दिसंबर, 2023 (शनिवार) को समापन हो गया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के पूर्व कुलपति प्रो. रिपुसूदन प्रसाद श्रीवास्तव (आर. पी. श्रीवास्तव) ने कहा कि दर्शन संपूर्ण ज्ञान का केन्द्र है। जो दर्शन को समझता है, वह सबकुछ समझता है।

उन्होंने कहा कि दर्शन ही उनका जीवन है। यदि दर्शन के क्षेत्र में कुछ बेहतर होता है, तो हृदय से प्रसन्नता होती है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ नोट्स एवं इंटरनेट के जरिए पढ़ने से काम नहीं चलेगा। मूल किताबों से पढ़ने पर ज्ञान मिलता है। पुस्तकें पढ़ना बहुत जरूरी है।

उन्होंने इस बात पर चिंता जताई की आज लोगों में पुस्तकें पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो गई है।

सामान्य अध्यक्ष डॉ. सुनील चंद्र मिश्र ने कहा कि आप जो ज्ञान प्राप्त करें, उसे दूसरों के बीच अवश्य बांटें। पीजी दर्शन विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मी साह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

दर्शन परिषद्, बिहार की अध्यक्ष प्रो. पूनम सिंह ने परिषद् की विकास-यात्रा पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिषद् का 45वां अधिवेशन प्रत्येक दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ रहा है।

महासचिव डॉ. श्यामल किशोर ने पुरस्कारों की घोषणा की। विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्य सह अधिवेशन के आयोजन सचिव प्रो. अभय कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. रजनी रंजन ने तीन दिनों के इस अधिवेशन का रिपोर्ट प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पायोली ने किया। डॉ. ममता एवं मनीष कुमार ने तीन दिनों के अपने अनुभव सुनाया।एनसीसी के कैडेट्स और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने तीनों दिन बेहतर भूमिका निभाई। इस अधिवेशन में ढाई सौ से अधिक प्रतिभागियों ने अपने आलेख पढ़े।

इस अवसर पर दार्शनिक अनुगूंज के संपादक डॉ. नागेंद्र मिश्र, संयुक्त सचिव डॉ. सुधांशु शेखर, डॉ. एन. पी. तिवारी, डॉ. सरोज कुमार वर्मा, डॉ. नीलिमा कुमारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सुधा जैन, डॉ. प्रत्यक्षा राज, डॉ. रेशमा सुल्ताना, डॉ. नीरज प्रकाश, सौरभ कुमार चौहान आदि उपस्थित थे।


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