Poem। कविता/ जिंदगी में अभी बहुत कुछ करना है/ रुखसाना आजमी
जिंदगी में अभी कुछ करना है! धीरे-धीरे चल के आगे बढ़ना है! गिरकर फिर संभलना है। अभी तो अफसर बनना है। अभी तो अफसर बनना
जिंदगी में अभी कुछ करना है! धीरे-धीरे चल के आगे बढ़ना है! गिरकर फिर संभलना है। अभी तो अफसर बनना है। अभी तो अफसर बनना
जंजीरों में लिपटी यह किसकी तस्वीर है, कौन इतना बेबस और मजबूर है! मैं जंजीर में लिपटी भारत की मां हूं भारत मां हूं! जिसे

कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद् डाॅ. संजीव कुमार सिंह द्वारा सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित परिनियम के कतिपय तथ्यों पर

हाँ, ये सच है… कोई नहीं था, आपके और हमारे बीच। ना कोई इन्सान, ना कोई जानवर, और ना ही हवा… जो अक्सर बादलों के

कृपया, निम्न लिंक पर click कर नि:शुल्क पंजीयन कराएँ- https://forms.gle/eg9NcSf2Re1s91cN7 ———————————– ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) के तत्वावधान में अगस्त-सितंबर 2020 में दस सेमिनार/ वेबिनार
रिपोर्ट- सौरभ कुमार चौहान शोधार्थी, दर्शनशास्त्र विभाग, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा, बिहार

हिंदी सिनेमा जगत उर्फ बाॅलीवुड की दुनिया में कई बिहारी कलाकार अपनी प्रतिभा से बिहार का नाम रौशन करते आए हैं। इन्हीं कलाकारों में एक

मित्रों! आज 18 अगस्त है। आज ही के दिन कोशी में कुसहा में टूट हुआ था। कुसहा में बैराज से ऊपर कोशिका बांध टूटा था।

हिंदी साहित्य के विद्वान हिंदी विभाग, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) के अध्यक्ष (सेवानिवृत्त) प्रो. इंद्रनारायण यादव का 18 अगस्त, 2020 को 6 बजे
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