16 अगस्त, 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि थीं। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी और उससे संबंधित विचार परिवार द्वारा अपेक्षित कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए। इस दर्द को एक भाजपा नेता (अभिषेक कुमार पाण्डेय) ने फेसबुक पर व्यक्त किया है। उनके शब्दों में, “आज अटल जी की अपनी ही पंक्तियां हमें आईना दिखा रही हैं।” ये पंक्तियां हैं, “जो कल थे, वो आज नहीं हैं, जो आज हैं, वो कल नहीं रहेंगे। होने, न होने का क्रम, इसी तरह चलता रहेगा। हम हैं, हम रहेंगे -ये भ्रम भी पलता रहेगा।”
सचमुच ये पंक्तियां न केवल किसी एक पार्टी, बल्कि पूरे देश, राज्य एवं विश्वविद्यालय के सत्ताधीशों पर भी बखूबी लागू होती है।
मैं क्षमाप्रार्थना के साथ श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को (देर से ही सही) सादर नमन करता हूँ।
-सुधांशु शेखर

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