केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति एवं प्रतिकुलपति की नियुक्ति उनके प्रोन्नति की प्रभावी तिथि से होती है, जबकि सिर्फ बिहार राज्य में इसकी गणना अधिसूचना की तिथि से होती है, जिसके कारण सूबे के शिक्षक कुलपति/ प्रतिकुलपति पद की सक्षम पात्रता हेतु आवेदन करने से ही वंचित रह जाते हैं। इसके लिए लोकभवन द्वारा सार्थक पहल की जा रही है। संबंधित निर्णय की सूचना शीघ्र ही मिल सकती है।
डॉ. संजीव कुमार सिंह, विधान पार्षद, कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, बिहार
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