BNMU। अतिथि शिक्षकों का एक दिवसीय सांकेतिक धरना

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अतिथि शिक्षकों का एक दिवसीय सांकेतिक धरना

रंजन यादव
शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा
भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के अतिथि शिक्षकों को अब तक एक दिन का भी मानदेय नहीं मिला है। इनका मानदेय 7 माह से लंबित है। इसको लेकर अतिथि शिक्षक संघ ने शनिवार को विश्वविश्वविद्यालय के धरना स्थल पर एक दिवसीय सांकेतिक घरना दिया। 

 

 

 
विश्वविद्यालय परिसर में दिन के 11:00 से 4:00 तक दिया।संघ ने माननीय कुलसचिव डा.कपिलदेव प्रसाद के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार को एक ज्ञापन भेजा।
 
मालूम हो कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा द्वारा अतिथि शिक्षकों को विधिवत विज्ञापन, चयन समिति के माध्यम से यूजीसी मापदंडों के आधार पर किया गया है।
अपने योगदान के पश्चात ये पठन-पाठन में योगदान दे रहे हैं । ये अभी लॉकडाउन की अवधि में ऑनलाइन पठन-पाठन में भी पूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन्हें अभी तक एक दिन का भी मानदेय नहीं मिला है।
विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा विभाग को कई स्मार-पत्र तक भेजे गए हैं। अतिथि व्याख्याताओं ने इससे पूर्व भी ई. मेल भेजकर भी शिक्षा विभाग को अपनी इस समस्या से अवगत कराया है।

 

         एक तरफ केंद्र और बिहार सरकार आम जनों के लिए राहत के अनेक उपाय किए हैं।अतिथि शिक्षक कोरोना महामारी के संकट और लाॅकडान के कारण परिवार सहित दैनिक खर्च जुटाने में भी अक्षम हो गए हैं। इस बीच होली सहित कई पर्व बीत गए। अब ईद पर्व भी सामने है और हम लोग लगभग भुखमरी के कगार पर है। लॉकडाउन की अवधि में केन्द्र और बिहार सरकार  ₹500/ ₹1000 और अनाज आदि मुफ्त में दिया जा रहा है। सरकार अपने दूसरे कर्मियों को भुगतान कर रही है। लेकिन अतिथि व्याख्याताओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कम-से-कम मानवता के आधार पर भी शीघ्र मानदेय भुगतान करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
 

 

 

 
ध्यातव्य हो कि केन्द्र सरकार और  राज्य सरकार ने संविदा, दैनिक वेतनभोगी आदि सभी स्तर के कर्मचारियों को भुगतान करने के आदेश दिये हैं। लेकिन अतिथि शिक्षकों के मामले में सरकार के इस निर्देश की भी धज्जी उड़ गई है।
अतः अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अविलम्ब मानदेय भुगतान का आदेश निर्गत करने की माँग की है।
कुलसचिव डाॅ.कपिलदेव प्रसाद और नियुक्ति कोषांग के निदेशक डाॅ.आर. के. पी. रमण ने धरना स्थल पर पहुंचकर अतिथि शिक्षकों से बात की और आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन मानदेय भुगतान के लिये शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, पटना से पुन: बात करेगा। 
 
धरना देने वालो में अतिथि प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार दास, महासचिव डॉ. दीपक कुमार, डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. प्रशान्त कुमार मनोज, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. जयंत कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सिकंदर कुमार, डॉ. सुधांशु शेखर, डॉ. तेज नारायण यादव आदि शामिल थे।

 

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