*स्वामी विवेकानंद जयंती पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित*
स्वामी विवेकानंद जयंती सह राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के बीसीए विभाग में विकसित भारत के निर्माण में कम्प्यूटर शिक्षा की भूमिका विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कुल तेरह विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का परिणाम एक-दो दिनों में घोषित होगा और श्रेष्ठ तीन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत को एक सबल, सक्षम एवं विकसित राष्ट्र बनाना चाहते थे। आज इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और विशेष रूप से कम्प्यूटर शिक्षा की बड़ी भूमिका है।
विशिष्ट अतिथि पीजी सेन्टर, सहरसा में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है। इसमें जीविकोपार्जन की सम्मानजनक व्यवस्था के साथ-साथ चारित्रिक उत्थान का आदर्श भी अंतर्निहित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समन्वयक डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि विवेकानंद विज्ञान एवं आध्यात्म का समन्वय करना चाहते थे। वे यह मानते थे कि भारत को विकसित बनाने के लिए हमें धर्मयुक्त विज्ञान की जरूरत है। इसलिए हमें कम्प्यूटर शिक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ नैतिकता का समावेश करने की जरूरत है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी लोगों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तदुपरांत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष के. के. भारती ने किया। धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर नीतीश कुमार ने किया।
इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार, असीम आनंद अभिषेक कुमार सिन्हा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डॉ. सौरभ कुमार चौहान, श्रीकांत कुमार, कर्मचारी रणवीर कुमार, राजदीप, अशोक मुखिया, अमरजीत कुमार, विशाल कुमार, गगनदीप कुमार, विवेक कुमार, प्रिंस कुमार, नीतीश कुमार, अमलेश कुमार, अंकित कुमार, सोनाली कुमारी, काजल कुमारी, मुस्कान राज, राहुल कुमार, आरती कुमारी, अंजली कुमारी आदि उपस्थित थे।














