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स्वामी विवेकानंद का दर्शन विषय पर संवाद आयोजित

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*स्वामी विवेकानंद का दर्शन विषय पर संवाद आयोजित*

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 12 जनवरी, 2026 (सोमवार) को स्वामी विवेकानंद जयंती सह राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर संवाद का आयोजन किया गया। इसमें विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की गई और उनके दर्शन की समसामयिक प्रासंगिकताओं को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद (12 जनवरी, 1863 – 04 जुलाई, 1902) भारतीय धर्म-दर्शन के सशक्त हस्ताक्षर थे। उन्होंने सन् 1893 में शिकागो (अमेरिका) में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत का सच्चा स्वरूप प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने वेदांत की व्यावहारिक व्याख्या की और इसे आम लोगों तक पहुंचाया। विवेकानंद ने सभी धर्मों और संस्कृतियों के बीच एकता और भाईचारे की वकालत की। उन्होंने सभी धर्मों को समान रूप से महत्व दिया और सहिष्णुता से आगे बढ़कर स्वीकृति का समर्थन किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक योद्धा संन्यासी थे। उनका मूल मंत्र है कि उठो, जागो और तब तक नहीं रूको, जब तक कि लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लो। हमें इस मंत्र को आत्मसात करते हुए विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. सी. पी. सिंह ने कहा कि विवेकानंद ने शिक्षा को व्यक्ति एवं राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक माना। उनका मानना था कि शिक्षा से चरित्र निर्माण होता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सम्मानित अतिथि परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव ने कहा कि विवेकानंद पूरी दुनिया में युवाओं के सबसे बड़े रॉल मॉडल थे। उनके विचारों पर चलकर ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्य वक्ता पीजी सेन्टर, सहरसा के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि विवेकानंद मानववाद के प्रतिपादक थे। उनका मानना था कि मानव जीवन की सार्थकता भौतिक सुखों की प्राप्ति में नहीं है। इसकी सार्थकता समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में योगदान देने में है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी उपस्थित लोगों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तदुपरांत दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। अतिथियों को अंगवस्त्रम् एवं पौधा भेंटकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन एम. एड. विभागाध्यक्ष डॉ. एस. पी. सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुधांशु शेखर ने किया।

इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. कैलाश प्रसाद यादव, वित्त पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज मंसूरी, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. माधुरी कुमारी, शोधार्थी डॉ. सौरभ कुमार चौहान आदि उपस्थित थे।

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