बीएनएमयू : परीक्षा में पारदर्शिता की पहल
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग बदलाव की ओर अग्रसर है। नवनियुक्त परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरुण कुमार झा ने कुलपति प्रो. बी. एस. झा के आदेशानुसार विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाओं के सफल संचालन हेतु दससूत्री दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी केन्द्राधीक्षकों को परीक्षाओं का सुव्यवस्थित संचालन करने और उसकी स्वच्छता एवं पारदर्शी बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा-संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए प्रत्येक 25 छात्रों पर एक वीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही नियमानुसार वीक्षकों के अतिरिक्त आवश्यक सहायक कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की प्रत्येक पाली में वीक्षकों एवं कर्मियों की उपस्थिति सूची तथा कार्यरत अवस्था में जीओ-टैग फोटोग्राफ अपलोड कर विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग को प्रेषित करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक पाली में उपस्थिति एवं अनुपस्थित छात्रों की सूची मुख्यालय को भेजना आवश्यक होगा।
उन्होंने बताया कि प्रश्न-पत्रों के सुरक्षित रख-रखाव की पूर्ण जिम्मेदारी केन्द्राधीक्षक की होगी। इसमें किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रश्न-पत्र परीक्षा प्रारम्भ होने से 20 मिनट पूर्व केन्द्राधीक्षक/नामित अधिकारी की उपस्थिति में, कार्यरत दो वीक्षकों के हस्ताक्षर के उपरांत ही खोले जाएंगे। परीक्षा समाप्ति के पश्चात् सुरक्षित उत्तर पुस्तिकाओं एवं प्रश्न-पत्रों का विवरण एवं सूची मुख्यालय को भेजना आवश्यक होगा। परीक्षा कार्यों के सुधारू संचालन हेतु केन्द्राधीक्षक एक अतिरिक्त वीक्षक नियुक कर सकते है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा संचालन संबंधी बिल-विपत्र का त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए केंद्राधीक्षक परीक्षा समाप्ति के पश्चात आठ दिनों के भीतर जीओ-टैग फोटोग्राफ के अनुरूप बिल-विपत्र मुख्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चत करेंगे। किसी भी प्रकार की त्रुटियों एवं अनियमितताओं की पूर्ण जिम्मेदारी केन्द्राधीक्षक की होगी।














