बिहार दिवस की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं
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बिहार दिवस के अवसर पर प्रांगण रंगमंच की अनुषांगिक इकाई प्रांगण पाठशाला में पुरस्कार वितरण एवं रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया | जिसमे प्रांगण पाठशाला के बच्चों व शिक्षकों ने मिलकर बेहतरीन रंगोली बनाकर बिहार की गरिमा को दिखाने का प्रयास किया। मौके पर उपस्थित बीएनएमयू के परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित यह पाठशाला इस क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा इस तरह का पाठशाला अन्य जगहों पर भी खुलना चाहिए। विश्वविद्यालय के पूर्व एन एस एस कॉर्डिनेटर डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा की इस पाठशाला के माध्यम से प्रयास किया जाए की बच्चों के अंदर नैतिक शिक्षा का प्रसार हो, क्योंकि नैतिक शिक्षा के बिना तकनिकी या औपचारिक शिक्षा रहने बाद भी व्यक्ति अच्छा इंसान नहीं बन पाता है। इसलिए नैतिक शिक्षा बहुत जरुरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पा लेना नहीं होता है बल्कि जीवन को साकार करना होता है। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ललन प्रसाद अद्री ने बिहार के गौरव का बखान किया और बिहार के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत करवाया। विगत 26 जनवरी को प्रांगण पाठशाला के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को उपस्थित अतिथियों द्वारा सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष डॉ संजय परमार ने की |

मौके पर पूर्व मुखिया डॉ बिहार दिवस के अवसर पर प्रांगण रंगमंच की अनुषांगिक इकाई प्रांगण पाठशाला में पुरस्कार वितरण एवं रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया | जिसमे प्रांगण पाठशाला के बच्चों व शिक्षकों ने मिलकर बेहतरीन रंगोली बनाकर बिहार के गरिमा को दिखाने का प्रयास किया | मौके पर उपस्थित अतिथि डॉ अशोक कुमार ने कहा की सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित यह पाठशाला इस क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा उन्होंने कहा इस तरह का पाठशाला अन्य जगहों पर भी खुलना चाहिए | अतिथि डॉ सुधांशु शेखर ने कहा की इस पाठशाला के माध्यम से प्रयास किया जाए की बच्चों के अंदर नैतिक शिक्षा का प्रसार हो क्योंकि नैतिक शिक्षा के बिना तकनिकी या औपचारिक शिक्षा रहने बाद भी व्यक्ति अच्छा इंसान नहीं बन पाता है, इसलिए नैतिक शिक्षा बहुत जरुरी है, उन्होंने कहा की शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पा लेना नहीं, बल्कि जीवन को सार्थक बनाना है |
मुख्य अतिथि डॉ ललन प्रसाद अद्री ने बिहार के गौरव का बखान किया और बिहार के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत करवाया | विगत 26 जनवरी को प्रांगण पाठशाला के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को उपस्थित अतिथियों द्वारा सम्मानित भी किया गया | कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष डॉ संजय परमार ने की। मौके पर पूर्व मुखिया डॉ. अनिल अनल, प्रांगण पाठशाला के शिक्षक कुंदन कुमार, नीरज कुमार निर्जल, राकेश विस्वास, आशीष कुमार सत्यार्थी, कंचन कुमारी, रानी कुमारी, लाखो कुमारी, बाबू साहेब कुमार, आर्यन एमी, अलोक कुमार, प्रांगण रंगमंच के सचिव अमित आनंद, मुख्य ट्रस्टी दिलखुश कुमार सहित काफ़ी संख्या में बच्चे व अभिभावक उपस्थित रहे।














