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डॉ. सुधांशु शेखर ने दिया सीनेट में नामांकन*

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*डॉ. सुधांशु शेखर ने दिया सीनेट में नामांकन*

बीएनएमयू की अंगीभूत इकाई टीपी कॉलेज, मधेपुरा के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर शुक्रवार को सीनेट चुनाव में अपना नामांकन दर्ज किया। वे अंगीभूत इकाई में सामान्य सीट पर प्रबल दावेदार हैं। उन्होंने दो सेटों में अपना नामांकन दायर किया। प्रथम सेट के प्रस्तावक पार्वती विज्ञान महाविद्यालय के डॉ. अशोक कुमार पोद्दार एवं अनुमोदक एमएचएम कॉलेज, सोनवर्षा के शशिकांत कुमार थे। द्वितीय सेट के प्रस्तावक बीएनएमभी कॉलेज, मधेपुरा के डॉ. प्रभाकर कुमार एवं आरएम कॉलेज, सहरसा के डॉ. प्रतिभा कपाही थे।

डॉ. शेखर ने नामांकन के पूर्व सबसे पहले अपने ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में ठाकुर प्रसाद एवं कीर्ति नारायण मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तदुपरांत विश्वविद्यालय पहुंचने पर उन्होंने संस्थापक कुलपति प्रो. रमेंद्र कुमार यादव रवि के प्रतिमा स्थल पर जाकर उन्हें नमन किया। पुनः उन्होंने पूर्व सांसद एवं पूर्व कुलपति प्रो. महावीर प्रसाद यादव, महामना भूपेन्द्र नारायण मंडल तथा राष्ट्रपति महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अंत में उन्होंने सभी बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद कुलसचिव के समक्ष अपना नामांकन दायर किया।

डॉ. शेखर ने कहा कि सीनेट एवं सिंडिकेट के माध्यम से विश्वविद्यालय कैम्पस में लोकतांत्रिक माहौल बनाना और विश्वविद्यालय का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए वे हमेशा बीएनएमयू की स्थापना के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे और इस क्षेत्र के आम लोगों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं को पूरा करने में सकारात्मक योगदान देंगे।

पूर्व प्रधानाचार्य सह पूर्व सिंडिकेट सदस्य डॉ. परमानंद यादव ने कहा कि डॉ. सुधांशु हमेशा विश्वविद्यालय के लिए समर्पित रहे हैं।‌ इन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में अपनी योग्यता एवं क्षमता का परिचय दिया है।ये नियम-परिनियम के जानकार हैं और बिना किसी भय एवं लोभ के हमेशा सत्य एवं न्याय के साथ खड़े रहते हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ. सुधांशु जैसे योग्य उम्मीदवार के सीनेट में पहुंचने से न केवल शिक्षकों, बल्कि सभी वर्गों की आवाज बुलंद होगी।‌ यह विश्वविद्यालय के दूरगामी हित में एक मजबूत कदम होगा।

*शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में है महती भूमिका*
प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि डॉ. शेखर ने महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय कीशैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महती भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि डॉ. शेखर को जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ), उपकुलसचिव (अकादमिक), उपकुलसचिव (स्थापना), कार्यक्रम समन्वयक (एनएसएस) एवं अर्थपाल सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का अनुभव है।इन्होंने हर जगह अपनी कर्तव्यनिष्ठ एवं सूझबूझ से अपनी नई पहचान बनाई।

*समर्थकों में दिखा उत्साह*
डॉ. शेखर के नामांकन में उनके समर्थकों में काफी उत्साह देखने को मिला। सभी लोग भारत माता की जय, बीएनएमयू जिंदाबाद, भूपेन्द्र बाबू अमर रहे आदि नारे लगाए गए। इनमें वर्तमान शिक्षकों के अलावा बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त शिक्षक, अतिथि व्याख्याता, बीएड शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ललन प्रसाद अद्री, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ललन प्रसाद अद्री, पूर्व सिंडिकेट सदस्य सह प्रधानाचार्य प्रो. जवाहर पासवान, सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ. गौतम कुमार, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नरेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र, उपकुलसचिव (परीक्षा) डॉ. उपेंद्र प्रसाद यादव, परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव, एनसीसी पदाधिकारी ले. गुड्डु कुमार, बीएड विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजन कुमार, सीनेटर भवेश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललन कुमार, अतिथि व्याख्याता डॉ. संजय परमार, छात्र संघ अध्यक्ष अभिमन्यु कुमार, दिलीप कुमार सिंह, बिमल कुमार, अभिषेक यादव, डॉ. गौरव चौधरी, के. के. भारती, डॉ. दिलीप कुमार, दिल, डॉ. सौरभ कुमार, शिवजी कुमार, सौरभ कुमार, राजू सनातन, अमोद कुमार, निखिल कुमार, डॉ. डेविड यादव, डॉ. माधव कुमार, मेघा कुमारी, अंकित आनंद, सोनू कुमार आदि उपस्थित थे।

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