कोसी की सांस्कृतिक विरासत विषयक सेमिनार 7 मार्च, 2026 को
ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के संस्थापक महामना कीर्ति नारायण मंडल की 30वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को ‘कोसी की सांस्कृतिक विरासत’ विषयक ‘राष्ट्रीय सेमिनार’ का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि कार्यक्रम चार सत्रों में आयोजित होगा। प्रथम सत्र उद्घाटन सत्र होगा। इसमें प्रो. भूपेंद्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’, प्रो. के. पी. यादव, प्रो. विनय कुमार चौधरी एवं प्रो. नरेश कुमार आदि की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
उन्होंने बताया कि उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव करेंंगे। इस अवसर पर अर्थपाल डॉ. रत्नदीप द्वारा स्वागत-भाषण दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हर्षवर्धन सिंह राठौड़ करेंगे।
उन्होंने बताया कि द्वितीय सत्र में आफलाइन पेपर प्रजेंटेशन होगा। इसकी अध्यक्षता प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप एवं डॉ. वीणा कुमारी करेंगी। तृतीय सत्र में अपराह्न 1:30 से 2:30 तक आयोजित होगा। इसका संयोजन डॉ. प्रियंका सिंह एवं के. के. भारती करेंगे।
चतुर्थ सत्र (समापन सत्र) में प्रमाण-पत्र वितरित किया जाएगा।
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स्मारिका का होगा लोकार्पण
कोसी की सांस्कृतिक विरासत विषयक सेमिनार के अवसर पर स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। संपादक डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि स्मारिका में माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का शुभकामना संदेश और लगभग 92 आलेख प्रकाशित हो रहा है। इनमें मैथिली में दो और अंग्रेजी में चार एवं हिंदी में 86 आलेख हैं।
उन्होंने बताया कि स्मारिका के प्रधान संरक्षक कुलपति प्रो. बी. एस. झा, प्रधान संपादक प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव एवं प्रबंध संपादक अर्थपाल डॉ. रत्नदीप हैं। संपादक मंडल में प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ. वीणा कुमारी एवं डॉ. शंकर कुमार मिश्र के नाम शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि संपादकीय सलाहकार समिति में के ई शिक्षाविदों को शामिल किया गया हैं। इनमें बीएनएमयू, मधेपुरा के पूर्व कुलपति प्रो. अवध किशोर राय, पूर्व प्रति कुलपति, प्रो. फारुक अली, पूर्व कुलपति प्रो. ज्ञानंजय द्विवेदी, पूर्व कुलपति, प्रो. आर. के. पी. ‘रमण’ प्रमुख हैं।
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*कीर्ति-कुम्भ में लगाएं डूबकी*
महामना कीर्ति नारायण मंडल की 30वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को कीर्ति-कुम्भ (राष्ट्रीय सेमिनार) का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर ने प्रेस-मीडिया को कार्यक्रम की
पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने जून 2017 में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, ज्ञापन में योगदान दिया। दुर्भाग्यवश उस समय तक उन्होंने कीर्ति नारायण मंडल का नाम भी नहीं सुना था। कुछ महिनों बाद मार्च 2018 में शिव राजेश्वरी युवा सृजन क्लब द्वारा डॉ. अंबेडकर राजकीय कल्याण छात्रावास में कीर्ति नारायण मंडल को केंद्र में रखकर आयोजित कार्यक्रम में कीर्ति बाबू को जानने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि उन्हें कीर्ति बाबू के निकट संबंधी डॉ. विशाखा कुमारी से उनकी प्रमाणिक वंशावली प्राप्त हुई है। उसमें स्पष्ट रूप से जन्मतिथि 7 अगस्त, 1911 और पुण्यतिथि 7 मार्च, 1997 है। अतः अब इस मामले में नाहक भ्रम नहीं रखना चाहिए।
आगे हमने महाविद्यालय में नियमित रूप से कार्यक्रम करने का संकल्प लिया। इसमें तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. परमानंद यादव एवं डॉ. के. पी. यादव और वर्तमान प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव का बहुत सहयोग प्राप्त हुआ। हमने अपने महाविद्यालय में विभिन्न तिथियों में कीर्ति बाबू को लेकर कई आयोजन किए। तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. परमानंद यादव ने कीर्ति नारायण मंडल प्रतिमा बनबायी। प्रधानाचार्य के. पी. यादव के कार्यालय में वह प्रतिमा लगी।
उन्होंने बताया कि 7 अगस्त, 2021 को कीर्ति नारायण मंडल जयंती समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें तत्कालीन कुलपति प्रो. ज्ञानंजय द्विवेदी ने भी शिरकत की थी। वर्ष-2022 में जन्मतिथि को लेकर भ्रम के कारण जन्मोत्सव समारोह नहीं हो सका। लेकिन हम लोगों ने कीर्ति बाबू के परिजनों से बात कर इस भ्रम को दूर किया।
उन्होंने बताया महाविद्यालय परिवार ने प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को जन्मोत्सव एवं 7 मार्च को पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया। हम लगातार कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। गत वर्ष 7 मार्च को आयोजित कीर्ति-कुम्भ कार्यक्रम में कुलपति प्रो. बी. एस. झा की गरिमामयी उपस्थिति रही थी। शनिवार को कीर्ति-कुम्भ कार्यक्रम राष्ट्रीय सेमिनार के रूप में आयोजित किया जा रहा है। यह एक ज्ञान-कुम्भ है, जिसमें डुबकी लगाने हेतु सभी आमंत्रित हैं।













