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Covid-19। अंतरराष्ट्रीय वेबीनार शुरु, शनिवार को कुलपति भी करेंगे भागीदारी

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अंतरराष्ट्रीय वेबीनार शुरु, शनिवार को कुलपति भी करेंगे भागीदारी
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कोविड-19 का देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है और विश्वव्यापी आर्थिक मदीं आने की प्रबल संभावना है। शहर और गांव दोनों इससे प्रभावित हैं। भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका मार झेल रही है। ऐसे में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभावों का विश्लेषण आवश्यक हो जाता है।

इसी के मद्देनजर कोविड-19 का ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव विषयक एक अंतरराष्ट्रीय वेबीनार अर्थशास्त्र विभाग, महिला महाविद्यालय, खगड़िया एवं ए. एस. काॅलेज, देवघर के संयुक्त तत्वावधान में अनुचिंतन फाउंडेशन तथा अंग विकास परिषद् के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

शुक्रवार को वेबीनार का आभासी उद्घाटन वेबीनार के मुख्य संरक्षक मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर के कुलपति प्रोफेसर रंजीत कुमार वर्मा ने किया।

उन्होंने समेकित ग्राम विकास योजना की बात कही .साथ में ग्राम विकास हेतु आई सी टी तकनीक को विकसित करने की बात कही. तत्पश्चात डॉ मनोज कुमार मिश्रा ब्रिटिश अमेरिकन विश्वविद्यालय फ्लोरिडा के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी के प्रोफेसर ने की नोट प्रस्तुत किया और विषय को समसामयिक बताते हुए ग्रामीण विकास की आवश्यकता को विस्तार से बताया. इस वेबीनार के संरक्षक मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल विजय ठाकुर ने इस विषय को समसामयिक बताते हुए ग्रामीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया तथा राष्ट्रीय विकास हेतु ग्रामीण विकास की बात कही. रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रोफेसर वोगरी निहारी उपाध्यक्ष ट्रेनिंग एवं कंसलटेंसी इथोपियन सिविल सर्विस यूनिवर्सिटी इथोपिया ने कहा की ग्रामीण विकास हेतु कृषि के साथ-साथ कृषि सह उद्योग सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग को भी बढ़ावा देना आवश्यक है .एमएसएमई भारत सरकार नई दिल्ली के सहायक निदेशक डॉ. हरीश यादव ने कहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म ,लघु एवं मध्यम उद्योगों को जब तक स्थान नहीं मिलेगा, तब तक आत्मनिर्भर भारत अभियान सफल नहीं होगा. सरकार ने इसकी महत्ता को समझते हुए ही विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की. डॉ. अंशुया अग्रवाल एम भी पी जी कॉलेज छत्तीसगढ़ में हिंदी विभाग की अध्यक्ष ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को वर्तमान परिस्थिति में कोविड-19 से निजात पाने और ग्राम विकास के लिए आवश्यक बताया। डॉ. अनूप कुमार मिश्रा बीएचयू से कृषि को ग्रामीण विकास का आधार बताया और इसके लिए कृषि अनुसंधान एवं कृषि शह उद्योग को बढ़ावा देने की बात कहा।

डॉ. बी. एन. सिंह ने ग्रामीण उद्योग के लिए नई नीति बनाने की बात कही. विशिष्ट व्याख्यान के रूप में प्रोफेसर रामप्रवेश सिंह ग्रामीण अर्थशास्त्र विभाग तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एवं डीन छात्र कल्याण तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने अपने वक्तव्य में कहा की कोविड-19 स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर बहुत ही बुरा प्रभाव डाला है खासकर निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों को उनके अनुसार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकसित करके ही राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को विकसित किया जा सकता है.

वेबीनार के दूसरे दिन शनिवार के कार्यक्रम का उद्घाटन बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति डॉ. ज्ञानंजय द्विवेदी करेंगे। जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर भी आमंत्रित वक्ता के रूप में अपनी बात रखेंगे।

संयोजक की भूमिका जानेमाने अर्थशास्त्री और बिहार का आर्थिक परिदृश्य एवं बिहार रिसर्च जर्नल के संपादक डॉ. अनिल ठाकुर निभा रहे हैं।

संयोजक ने बताया कि खगड़िया में पहली बार अंतरराष्ट्रीय वेबीनार हो रहा है। इसमें 500 से अधिक विद्वान एवं शोधार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का बीएनएमयू संवाद यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है। यूट्यूब के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को भी सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इससे कोविड-19 के प्रभावों को कम करने और अर्थव्यवस्था को बचाने में मदद मिलेगी।

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