
BNMU। डाॅ. अंबेडकर पर अधिकाधिक शोध की जरूरत : कुलपति
डाॅ. अंबेडकर पर अधिकाधिक शोध की जरूरत : कुलपति —————– भारतरत्न डाॅ. भीमराव अंबेडकर के जीवन-दर्शन का आयाम काफी व्यापक है। वे एक अर्थशास्त्री, दर्शनशास्त्री,

डाॅ. अंबेडकर पर अधिकाधिक शोध की जरूरत : कुलपति —————– भारतरत्न डाॅ. भीमराव अंबेडकर के जीवन-दर्शन का आयाम काफी व्यापक है। वे एक अर्थशास्त्री, दर्शनशास्त्री,

विचारपुंज हैं डाॅ. अंबेडकर : कुलपति —————– डाॅ. अंबेडकर दुनिया के सबसे बड़े विद्वान एवं हम सबों के प्रेरणास्रोत हैं। वे मात्र एक महान व्यक्ति

13 अप्रैल : सामाजिक न्याय के प्रणेता स्व. बी. पी. मंडल का पुण्यतिथि

आगामी 12 एवं 13 अप्रैल (सोमवार एवं मंगलवार) को होने वाली पीजीआरसी की बैठक तत्काल आदेशानुसार अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। अकादमिक

आगामी 15 अप्रैल (गुरूवार) को होने वाली पीएटी-2020 की परीक्षा कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण एवं अन्य अपरिहार्य कारणों से अगले आदेश तक के लिए स्थगित

डाॅ. बहादुर मिश्र का सम्मान ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में शुक्रवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर में हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार

प्रमाण पत्र वितरण समारोह ===========$== संस्कृति प्रतीकात्मक संप्रेषण है। इसके प्रतीकों में समूह विशेष के कौशल-ज्ञान, उसकी प्रवृत्तियाँ, उसके मूल्य एवं उसकी अभिप्रेरणाएँ शामिल हैं।

तीन व्याख्यानों का आयोजन राष्ट्र मात्र एक भौगोलिक इकाई नहीं है और न ही यह सत्ता का एक केंद्र मात्र है। वास्तव में राष्ट्र एक

बिहार दिवस पर हुआ सेमिनार बिहार ने देश के इतिहास में महती भूमिका निभाई है और बिहार के विकास में कोसी की महती भूमिका है।

नाथपंथ में योग की विचारधारा मुख्यतः हठयोग पर आधारित है। इसमें योग साधना का मुख्य उद्देश्य कुंडलिनी शक्ति का जागरण है। जब व्यक्ति कुंडलिनी का
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