
मिथिलांचल का लोकपर्व ‘चौरचन’/कलंकमुक्त होने का पर्व
वैदिक काल से ही मिथिलांचल अपनी सभ्यता, संस्कृति व पर्व-त्योहारों की परंपरा से प्रसिद्ध रहा है। प्रसिध्द लोकपर्व चौठ चंद्र मिथिलांचल में 16वीं शताब्दी से

वैदिक काल से ही मिथिलांचल अपनी सभ्यता, संस्कृति व पर्व-त्योहारों की परंपरा से प्रसिद्ध रहा है। प्रसिध्द लोकपर्व चौठ चंद्र मिथिलांचल में 16वीं शताब्दी से

आज से ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में दस सेमिनार/वेबिनार की श्रृंखला की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को इसमें देश के कई गणमान्य लोगों ने

बरिष्ठ नागरिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को परिवार और समाज के बड़े- बुजुर्गों के आदर और देखभाल के लिए प्रेरित किया जाना होता

दर्शन परिषद्, बिहार के तत्वावधान में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) के तत्वावधान में 21 अगस्त, 2020 शुक्रवार को एक राष्ट्रीय सेमिनार/ वेबिनार का आयोजन

दूब पर पड़ी ओस की बूंदे सूखी भी नहीं कि घर-घर यह संदेश पहुंच जाता है कि आज की शाम ‘दौलत और ईमान’ से सजनेवाली

टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा गुरूवार को टीएमबीयू परिसर स्थित धरना स्थल पर एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ.

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में 21 अगस्त से 28 सितंबर तक दस राष्ट्रीय सेमिनार/ वेबिनार का आयोजन सुनिश्चित हैं। इमस सिंहानिया विश्वविद्यालय, जोधपुर (राजस्थान) के पूर्व

24 सितंबर, 2020 ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में हो रही वेबीनार सीरीज के अंतर्गत श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय, बेगूसराय की पूर्व प्रधानाचार्य, प्रोफेसर स्वप्ना चौधरी “पोषण

शिक्षक हमेशा अमर रहता है। वह अपनी कीर्तियों एवं विद्यार्थियों में जीवंत रहता है। यह बात कुलपति प्रोफेसर डाॅ. ज्ञानंजय द्विवेदी ने कही। वे बुधवार
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