
Webinar। अंतरराष्ट्रीय वेबिनार 25-26 सितंबर को
विश्व की तमाम सभ्यताएं मनुष्य की पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक है। वैदिक काल में भी ऋग्वेद के ऋचा में जल, वायु, पृथ्वी की रक्षा हेतु

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माँ तो होती है बस – “माँ” । माँ जैसी हीरा मिले कहाँ ।। इनकी तो बस बच्चों में ही है जहां ।।। हर कुछ

https://youtu.be/oI53Qso8g8A
बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में 6 स्थायी कुलपति और 7 प्रति कुलपति की नियुक्ति की है। सभी

अकेला आदमी अक्सर विसंगतियों से, लड़ता हुआ इंसान खुद से, थककर मायूस हो जाता है। परत-दर-परत व्याप्त भ्रष्टाचार, दर्द से तड़पता हुआ त्रस्त, अपनी क्षमताओं

आज देश का युवा, सड़कों पर भटक रहा है। हाथों में उपाधियों का पुलिंदा झोले में कंधे पर ढो रहा है। जिंदगी के सवालों से
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