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BNMU खेल निदेशकों के साथ राज्यपाल की बैठक की खबर।

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राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में खेल निदेशकों के साथ की बैठक, दिए निर्देश

बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के अकादमिक कैलेंडर में खेलकूद संबंधी गतिविधियां शामिल होंगी। इसके आधार पर प्रत्येक विश्वविद्यालय को खेलकूद संबंधी कार्य योजना तैयार करनी होगी। इस संबंध में राज्यपाल एवं कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बुधवार को राजभवन में सभी विश्वविद्यालयों के खेल निदेशकों के साथ आयोजित बैठक में यह आदेश दिया। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में खेल के मैदान और स्टेडियम की उपलब्धता की जानकारी देने का आदेश देते हुए कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में खेलकूद संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दें और खिलाडियों को प्रोत्साहित करें।

राज्यपाल ने खेलकूद को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम अतिरिक्त गतिविधि नहीं, बल्कि सह पाठ्यक्रम गतिविधि है। इसलिए खेलकूद की कार्य योजना बनाकर उस पर अमल करना जरूरी है। राज्यपाल ने शारीरिक शिक्षा इसके विरूद्ध कार्यरत बल तथा अनुदेशकों के स्वीकृत पद एवं रिक्तियों की जानकारी भी उपलब्ध कराने का निर्देश विश्वविद्यालयों को दिया।

उन्होंने बैठक में आगामी अकादमिक कैलेंडर वर्ष के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में खेल गतिविधियों के संबंध में विस्तृत कार्य योजना तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा खेलो इंडिया के अंतर्गत दिए गए प्रस्ताव संबंधी अद्यतन स्थिति के बारे में भी विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में सभी विश्वविद्यालयों की खेलकूद संबंधी विभिन्न समस्याओं पर भी विचार किया गया और समुचित कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए गए। खेल निदेशकों ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल. चोंग्थू और विशेष कार्य पदाधिकारी प्रीतेश देसाई के अलावा राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बीएनएमयू, मधेपुरा की ओर से निदेशक (खेल) डॉ. मो. अबुल फजल एवं उपसचिव (क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद्) डॉ. शंकर कुमार मिश्र शामिल हुए।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।