9 नवंबर, 2020 को सांस्कृतिक समन्वय समिति, भागलपुर (बिहार) के तत्वावधान में प्रोफेसर डॉ. प्रेम प्रभाकर की याद में श्रद्धांजलि सभा हुई।
इसकी अध्यक्षता हिंदी विभाग, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र ने की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा प्रोफेसर प्रेम प्रभाकर मूलतः एक परिवर्तनवादी थे।
वे अंतिम समय तक गंगा मुक्ति आंदोलन और सम्पूर्ण क्रांति जमात से जुड़े रहे।
वे लंबे समय तक आकाशवाणी, पत्रकारिता से जुड़े रहे बाद में विश्वविद्यालय में शिक्षक हुए।
वे आंदोलन की पृष्ठभूमि से आये थे।
विश्विद्यालय में भी काम करते हुए वही मन मिजाज और दृष्टि बनी रही।














