सीनेटर ने लिखा राज्यपाल को पत्र
बीएनएमयू, मधेपुरा में यूएमआईएस को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। ताजा घटनाक्रम में सीनेटर डॉ. सुधांशु शेखर ने नोडल पदाधिकारी (समर्थ) सह एम. एच. एम. कॉलेज, सोनवर्षा में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष शशिकांत कुमार को एल. एन. एम. एस. कॉलेज, वीरपुर स्थानांतरण के खिलाफ राज्यपाल को पत्र लिखा है। यह पूरी तरह हुए दुर्भाग्यपूर्ण है और विश्वविद्यालय प्रशासन की यह कायराना हरकत पूरी तरह शिक्षक-विरोधी है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि विश्वविद्यालय के वरीय पदाधिकारी यूएमआईएस कंपनी के इशारे पर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि नोडल पदाधिकारी (समर्थ पोर्टल) ने कुछ दिनों पूर्व ही कुलसचिव को ई. मेल. प्रेषित कर यूएमआईएस इंचार्ज द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार करने एवं उन्हें धमकी देने की शिकायत की थी और इस्तीफे का दबाव एवं मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपनी सुरक्षा को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन कुलसचिव ने मामले की जांच कर कार्रवाई लिए कुलानुशासक को पत्र अग्रसारित कर भेजा था।
उन्होंने कहा है कि तत्कालीन नोडल पदाधिकारी के आवेदन पर एक महीने बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टे उनसे ही कारण-पृच्छा कर दिया गया और उनका स्थानांतरण भी कर दिया गया। वर्तमान कुलसचिव ने नोडल पदाधिकारी को संरक्षण देने की बजाय उन्हें दंडित कर दिया। इससे यह स्पष्ट है कि यूएमआईएस इंचार्ज को विश्वविद्यालय के उच्च पदाधिकारी का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्होंने भी कुलसचिव को आवेदन देकर अनुरोध किया था कि नोडल पदाधिकारी (समर्थ पोर्टल) के ई. मेल पर अविलंब यथोचित कार्रवाई करते हुए उनके मान-सम्मान की रक्षा एवं जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। लेकिन कुलसचिव ने शिक्षकों की आवाज को दबाते हुए यूएमआईएस इंचार्ज के पक्ष में कार्य किया।
उन्होंने अनुरोध किया है कि बीएनएमयू, मधेपुरा में यूएमआईएस कंपनी को बंद करके तत्काल समर्थ पोर्टल लागू करने और यूएमआईएस कंपनी के साथ कुलसचिव एवं कुलपति की संलिप्तता की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई का आदेश देने की कृपा की जाए।













