बीएनएमयू में बनेगी विवेकानंद वाटिका
एनएसएस समन्वयक के प्रस्ताव पर कुलपति ने लगाई मुहर
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) युवाओं के समग्र विकास हेतु समर्पित है और युवाओं को स्वामी विवेकानंद द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसी को ध्यान में रखकर बीएनएमयू, मधेपुरा में एनएसएस के सौजन्य से विवेकानंद वाटिका का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में कार्यक्रम समन्वयक (एनएसएस) डॉ. सुधांशु शेखर के प्रस्ताव पर कुलपति प्रो. बी. एस. झा ने एनएसएस कार्यालय भवन और शिक्षाशास्त्र विभाग के बीच सड़क किनारे खाली पड़े भूखंड पर विवेकानंद वाटिका के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है।

डॉ. शेखर ने बताया कि इस वाटिका को एक प्रेरणा-स्थल के रूप में विकसित किया जाएघा। इसमें मुख्य रूप से स्वस्थ्य रक्षक औषधीय पौधे लगाए जाएंगे और इसके चारों ओर मानसिक शक्तियां प्रदान करने वाली विवेकानंद की सूक्तियां अंकित की जाएंगी।

डॉ. शेखर ने बताया कि सर्वप्रथम परिसंपदा पदाधिकारी के सहयोग से विवेकानंद वाटिका के निर्माण हेतु स्थल का सीमांकन किया जाएगा। तदुपरांत स्वामी विवेकानंद की जयंती सह युवा दिवस के अवसर पर 12 जनवरी, 2026 को विधिवत इसका निर्माण-कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विवेकानंद (1863-1902) एक महान दार्शनिक थे। उन्होंने 1893 में शिकागो में आयोजित धर्म संसद के माध्यम से पूरी दुनिया को भारतीय धर्म-दर्शन का बोध कराया। उन्होंने 1 मई, 1897 को विश्व कल्याण के लिए निमित्त रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। उन्होंने भारतीय सभ्यता- संस्कृति, इतिहास, धर्म एवं दर्शन के प्रति हमारे अंदर गौरव-बोध को पुनर्जीवित किया और हमें राष्ट्रसेवा एवं जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इसी प्रेरणा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एनएसएस द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है।














