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Ambedkar शिक्षा मंत्री को पुस्तक भेंट की

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शिक्षा मंत्री को पुस्तक भेंट की
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ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर से मिलकर उन्हें अपनी पुस्तक सामाजिक न्याय : अंबेडकर-विचार एवं आधुनिक संदर्भ भेंट की। इस पुस्तक में डाॅ. अंबेडकर के विचारों को उनके मूल ग्रंथों के आधार पर प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत किया गया है और सामाजिक न्याय को अंबेडकर की दृष्टि से समझने की कोशिश की गई है।

शिक्षा मंत्री ने ने डाॅ. शेखर को इस पुस्तक के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और आगे भी रचनात्मक सक्रियता की आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतरत्न डाॅ. भीमराव अंबेडकर एक अर्थशास्त्री, दर्शनशास्त्री, धर्मशास्त्री, समाजशास्त्री, शिक्षाशास्त्री, इतिहासकार, कानूनविद एवं संविधान विशेषज्ञ तो थे ही कई अन्य विषयों के भी ज्ञाता थे। दुनिया के इस बड़े विद्वान के जीवन-दर्शन के कई पक्ष अभी भी आम लोगों के समक्ष नहीं आ सके हैं। इसलिए आज डाॅ. अंबेडकर के जीवन-दर्शन को लेकर अधिकाधिक शोध करने की जरूरत है।

डॉ. शेखर ने बताया कि यह पुस्तक न केवल अंबेडकर एवं समकालीन विमर्शों में रूचि रखने वाले शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों, वरन् आम लोगों के लिए भी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि डाॅ. अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनके जीवन का एक-एक क्षण हमारे लिए प्रेरणादायी है और उनके विचारों के विभिन्न आयामों पर शोध की जरूरत है।

डॉ. शेखर ने बताया कि इस पुस्तक में यह स्थापित किया गया है कि डाॅ. अंबेडकर केवल दलितों के नेता नहीं थे, बल्कि वे संपूर्ण मानवता के उन्नायक थे। आज हम सबों को मिलकर डाॅ. अंबेडकर के विचारों एवं कार्यों को आगे बढ़ाने और उनके सपनों को साकार करने की जरूरत है।

इस अवसर पर के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज-मधेपुरा के प्रधानाचार्य डॉ. जवाहर पासवान, असिस्टेंट प्रोफेसर महेंद्र मंडल (मैथिली), डॉ. सज्जाद अख्तर (उर्दू), डॉ. अमरेंद्र कुमार (इतिहास), सुशांत कुमार सिंह (अर्थशास्त्र), डॉ. शिवा शर्मा (गणित), डॉ. चंद्रशेखर आजाद (राजनीति विज्ञान), डॉ. रवीन्द्र कुमार (वाणिज्य), प्रतीक कुमार (हिंदी), डॉ. विजय पटेल (रसायनशास्त्र) आदि उपस्थित थे।

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बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।

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