Buddha महामानव थे बुद्ध : डॉ. जवाहर पासवान

*महामानव थे बुद्ध : डॉ. जवाहर पासवान*
===========
भारत के पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक प्रमाण यह सिद्ध करते हैं कि बुद्ध पौराणिक अवतार नहीं, बल्कि ऐतिहासिक पुरुष थे। बुद्ध ने स्वयं को श्रीकृष्ण की तरह न तो ईश्वर ही कहा और न विष्णु का अवतार ही बताया। यह बात के. पी. कालेज, मुरलीगंज के प्रधानाचार्य सह छात्रावास अधीक्षक डॉ. जवाहर पासवान ने कही। वे सोमवार को अंबेडकर कल्याण छात्रावास, ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में गौतम बुद्ध जन्मोत्सव समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने अपने को शुद्धोदन एवं महामाया के प्राकृतिक पुत्र होने के अतिरिक्त कभी और कोई दावा नहीं किया।
बुद्ध ने कोई करिश्मा कभी भी अपने शिष्यों को नहीं दिखाया था। उन्होंने कभी खुद को ईश्वर का पैगाम लाने वाला पैगंबर या खुदा का बेटा नहीं बताया। इतना ही नहीं, बुद्ध ने अपने भिक्खुओं को भी करिश्मे व जादू-टोने दिखाकर लोगों को भ्रमित करने से मना किया था।

उन्होंने कहा कि बुद्ध के उपदेश प्रज्ञा, शील, समाधि पर निर्भर करते हैं, जिनका आधार विशुद्ध वैज्ञानिक है। बुद्ध ने अपने ‘धम्म-शासन’ में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कभी ईश्वरीय होने का दावा नहीं किया था। उनका धर्म ईश्वरीय उपदेश नहीं, बल्कि मनुष्यों के हित व सुख के लिए मनुष्य द्वारा आविष्कृत धर्म था।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि गौतम बुद्ध प्रज्ञा, शील, मैत्री एवं करुणा के सागर थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनके दर्शन को अपनाकर ही दुनिया में शांति एवं सौहार्द कायम हो सकता है।

इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललन प्रकाश सहनी, छात्र नायक प्रियरंजन, नयन रंजन, ओम रंजन, आशीष कुमार, सनी कुमार, दीपक कुमार, विकास कुमार, सुमन कुमार, सोनू कुमार, अजीत कुमार, चंदन कुमार, सोनाजीत कुमार, शिवशंकर कुमार, गुरुदेव कुमार, भावेश कुमार, नवनीत कुमार, कुंदन कुमार पांडे, पिंटू कुमार, राजा कुमार, बिरजू कुमार, सचिन कुमार आदि उपस्थित थे।

bnmusamvadhttps://bnmusamvad.com
B. N. Mandal University, Madhepura, Bihar, India

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

20,692FansLike
3,372FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles