NSS शिविर का समापन। युवा ही राष्ट्र के आधार : डाॅ. राजकुमार सिंह

*शिविर का समापन*

युवा ही राष्ट्र के आधार : डाॅ. राजकुमार सिंह
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युवा ही समाज एवं राष्ट्र के आधार हैं। युवाओं के ऊपर ही परिवार, समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास की जिम्मेदारी है। अतः युवाओं को आगे बढ़कर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

यह बात सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. राजकुमार सिंह ने कही।

वे मंगलवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

*युवाओं के दम पर ही होती है प्रगति*

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक सत्य है कि कोई भी समाज एवं राष्ट्र युवाओं के दम पर ही प्रगति करता है। आज भारत में युवाओं की संख्या अधिक है। इसलिए भारत के विकास की असीम संभावनाएँ हैं। जिस देश में युवाओं की संख्या कम हो रही है, वे देश चिंतित हैं।

*कर्म ही पूजा है*

उन्होंने कहा कि सोचने एवं बोलने से अधिक करने का महत्व करने का महत्व है। युवाओं को कर्म को पूजा मानना चाहिए और अपने ज्ञान को समाज के हित में लगाना चाहिए। युवाओं ने शिविर में जो भी सीखा है, उसे व्यक्तिगत जीवन में अपनाएँ और उसे समाज तक ले जाएँ।अपने जीवन में प्रगति करें और समाज एवं राष्ट्र के लिए भी प्रेरक बनें।

*व्यक्तित्व विकास में है एनएसएस की भूमिका*

मानविकी संकायाध्यक्ष डाॅ. उषा सिन्हा ने कहा कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र-निर्माण में एनएसएस महती भूमिका है। यह युवाओं को समाज एवंशराष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है।

*उर्जा के भंडार हैं युवा*

उन्होंने कहा कि युवा उर्जा के भंडार हैं। हमें युवाओं की उर्जा को सकारात्मक दिशा देने की जरूरत है। युवाओं की उर्जा राष्ट्र-निर्माण में लगेगी, तो राष्ट्र का विकास कोई नहीं रोक सकेगा।

*स्वार्थ से ऊपर उठें*

वार्ड पार्षद अहिल्या देवी ने स्वयंसेवकों को आशीर्वाद दिया कि वे अपने जीवन में सफल हों और अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र का नाम रौशन करें। अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करे।

*दूसरों के लिए जीते की प्रेरणा देता है एनएसएस*

एनएसएस समन्वयक डाॅ. अभय कुमार ने कहा कि एनएसएस का सूत्र वाक्य मैं नहीं, आप है। यह हमें अपने निहित स्वार्थ को छोड़कर दूसरों के लिए जीने की प्रेरणा देता है।

*विश्वबंधुत्व की सीख देता है एनएसएस*

उन्होंने बताया कि एनएसएस की शुरूआत महात्मा गाँधी के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से की गई है। यह युवाओं में देशप्रेम एवं विश्वबंधुत्व की सीख देता है। एनएसएस ने बाढ़, भूकंप एवं कोरोना आदि आपदाओं के समय सेवा की मिशाल कायम की है।

*राष्ट्रसेवा है सबसे बड़ा धर्म*

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. के. पी. यादव ने कहा कि राष्ट्रसेवा सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इसलिए हमारी कामना होनी चाहिए कि हमें जन्मों- जन्मों तक राष्ट्रसेवा का सुअवसर मिले।

*अंतिम व्यक्ति के हित में कार्य करें*

सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान ने कहा कि युवा पठन-पाठन के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ें और समाज के अंतिम व्यक्ति के हित में कार्य करें।

*हुए विभिन्न कार्यक्रम*

कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर ने शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शिविर में एड्स नियंत्रण, सेहत के सूत्र, संविधान की प्रस्तावना, राष्ट्र-निर्माण में डाॅ. अंबेडकर का योगदान आदि विषयों पर परिचर्चा हुई। दो दिन निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श दिया गया। तीन दिन अलग-अलग विषयों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। एक दिन स्वास्थ्य जागरूकता एवं साबुन वितरण और एक दिन शिक्षा जागरूकता एवं कलम वितरण किया गया। वार्ड नंबर चार में स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सीएम साइंस काॅलेज, मधेपुरा के संजय कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन गणित विभागाध्यक्ष डाॅ. एम. एस. पाठक ने की।

कार्यक्रम की शुरूआत स्वामी विवेकानंद, महात्मा गाँधी एवं कीर्ति नारायण मंडल के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई। अतिथियों का अंगवस्त्रम् एवं सामाजिक न्याय : अंबेडकर-विचार और आधुनिक संदर्भ पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रांगण रंगमंच की आरती आनंद ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर डाॅ. उपेंद्र प्रसाद यादव, डाॅ. अमरेंद्र कुमार, सीनेटर रंजन कुमार, काउंसिल मेम्बर माधव कुमार, शोधार्थी द्वय सारंग तनय एवं सौरभ कुमार चौहान, बीसीए के विभागाध्यक्ष डाॅ. के. के. भारती, बायोटेक के प्रणव कुमार प्रियदर्शी, गौरव कुमार सिंह, सूरज कुमार, प्रिंस कुमार, नेहा प्रवीण, कशिश नाज़, अमन आनंद, अटल कुमार, नमन कुमार, आशीष कुमार, सोनू कुमार, रंजन कुमार, अभिमन्यु कुमार, प्रिंस कुमार, रितेश कुमार, शंकर कुमार, प्रवीण कुमार, गोपाल कुमार, राहुल कुमार, राजा बाबू, हिमांशु कुमार, आशीष कुमार, नूतन कुमारी, दिलखुश कुमार, इन्दजीत कुमार, नीतीश कुमार, विकाश कुमार, राकेश कुमार, आरती कुमारी, आशीष कुमार, प्रिंस कुमार, समीर कुमार, अंजलि कुमारी, पूजा कुमारी, माधवी कुमारी, ब्यूटी कुमारी, राहुल कुमार, विक्रम कुमार, भारती कुमारी, आकृति रंजन, नेहा भारती, ममता, शिवम कुमार, छोटू कुमार, सक्षम कुमार, सौरभ कुमार, आदित्य कुमार, माधव कुमार, सुधांशु सत्यम, प्रिंस राज आदि उपस्थित थे।

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B. N. Mandal University, Madhepura, Bihar, India

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