
‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी।।”
‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी।।” (अर्थात् धैर्य, धर्म, मित्र एवं जीवनसंगिनी की परख आपत्ति के समय ही होती है।) @#सीनेट_चुनाव-2026

‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी।।” (अर्थात् धैर्य, धर्म, मित्र एवं जीवनसंगिनी की परख आपत्ति के समय ही होती है।) @#सीनेट_चुनाव-2026
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