
BNMU। डाॅ. अमरेन्द्र का जन्मदिवस
हिन्दी और अंगिका साहित्य की अनेक विधा कविता, गीत, ग़ज़ल, नाटक, उपन्यास, महाकाव्य,समीक्षा आदि में लगभग 70 पुस्तकों के रचयिता भागलपुर निवासी विद्वान डा. अमरेन्द्र

हिन्दी और अंगिका साहित्य की अनेक विधा कविता, गीत, ग़ज़ल, नाटक, उपन्यास, महाकाव्य,समीक्षा आदि में लगभग 70 पुस्तकों के रचयिता भागलपुर निवासी विद्वान डा. अमरेन्द्र

कोशी के लाल डॉ. परमेश्वर प्रसाद यादव को नमन/ डेविड यादव कहा गया है कि जिसकी कीर्ति होती है, वह हमेशा जीवित रहता है। सचमुच

चला जाना नन्दकिशोर नवल का 2 सितंबर, 1937 को हाजीपुर के पास के गाँव चाँदपुरा में जन्म लेनेवाले नवल जी ने प्रयाण-दिवस मंगलवार, तदनुसार 12

अनुस्यूत बनाम अनुस्युत यह विषय मेरी प्राथमिकता सूची में नहीं था। एक दिन मैं पी-एच्.-डी. संचिका निबटा रहा था। एक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय के ख्यात प्राचार्य

‘सोहर’ की विविधरूपात्मक यात्रा प्रो. (डाॅ.) बहादुर मिश्र, पूर्व अध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिंदी विभाग, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर, बिहार ‘सोहर’ लोकगीत का वह जनप्रिय रूप है,

क्या ‘दिवंगत आत्मा’ का प्रयोग उचित है? श्री प्रभाकर मिश्र ने जानना चाहा है कि क्या किसी मृत व्यक्ति के लिए ‘दिवंगत आत्मा’ का प्रयोग

हिमालय का कवि : गोपाल सिंह नेपाली आज 11 अगस्त है, यानी हिमालय का कवि और भारत की ‘वन मैन आर्मी’ कहलाने वाले गोपाल सिंह

सौन्दर्य बनाम सौन्दर्यता हिन्दी के भाववाचक विशेष्य (संज्ञा), ‘सौन्दर्य’ अथवा ‘चातुर्य’ के स्थान पर ‘सौन्दर्यता’ या ‘चातुर्यता’ का प्रयोग देखकर आप कैसा अनुभव करेंगे? सहज

पीड़ित मानवता के अमर कथा-शिल्पी : शरतचंद्र आज 15 सितंबर है, अर्थात् भारत के अमर कथाकार, नारी वेदना के सहभोक्ता और कथात्मक नियोक्ता शरतचंद्र चट्टोपाध्याय
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