
Poem। कविता। अच्छा नहीं लगता
बात-बात पर खफ़ा हो जाना…!! बेरूत अब्र में समा महताब का नजरों से जुदा हो जाना…!! मत पूछो अब ‘प्रियमित’ दिल ने देखे क्या-क्या हादसात…!!

बात-बात पर खफ़ा हो जाना…!! बेरूत अब्र में समा महताब का नजरों से जुदा हो जाना…!! मत पूछो अब ‘प्रियमित’ दिल ने देखे क्या-क्या हादसात…!!

बीएनएमयू संवाद परिवार की ओर से नवरात्र की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। -Sudhanshu Shekhar, Assistant Professor (Philosophy) and Public Relation Officer (PRO), B. N. Mandal

बैठक संपन्न विश्वविद्यालय के सभी स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों, संकायाध्यक्षों एवं संबंधित पदाधिकारियों की एक अत्यावश्यक बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर. के. पी. रमण की
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