*संविदाकर्मी की सेवा बहाली की मांग*
सीनेटर डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा है कि तथाकथित रूप से विश्वविद्यालय की क्षवि धूमिल करने वाली कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदा) द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए। यदि इसके पीछे कोई साजिश है, तो साजिशकर्ता को कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन हमें जांच के पूर्व वरीय पदाधिकारी की छवि को धूमिल करने के लिए बयानबाजी अथवा संविदा कर्मी पर सामाजिक एवं मानसिक दवाब बनाने का कुत्सित प्रयास नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा है कि बिना जांच पूरी हुए संविदा कर्मी को सेवा से बर्खास्त करना नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है और मानवाधिकार का उल्लंघन भी है। इसलिए संविदाकर्मी की सेवा तत्काल प्रभाव से बहाल होनी चाहिए। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, उनके ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।











