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करत-करत अभ्यास के…

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करत-करत अभ्यास के…
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ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में 79वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव सुबह 8:30 बजे राष्ट्रीय ध्वजारोहण करेंगे। इसको लेकर हमारे एनसीसी कैडेट्स लगातार सात दिनों से पूर्वाभ्यास कर रहे हैं। एक दिन पूर्व 14 अगस्त को हमने एनसीसी पदाधिकारी ले. गुड्डु कुमार के साथ फाइनल पूर्वाभ्यास में भाग लिया।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

बस यूं ही…
“करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान रसरी आवत जात ते सील पर परत निशान।”- कवि वृंद
बचपन से ही यह पंक्ति मुझे याद है। लेकिन यह याद सिर्फ मेरे जुबान तक ही सीमित है। यह मेरे कार्य में उतर नहीं पाया है। बचपन से लेकर आज तक हमने कभी भी किसी भी चीज का लगातार अभ्यास नहीं किया। यहां तक की परीक्षा की तैयारी में भी किसी प्रश्न के उत्तर को बार-बार पढ़ना मुझे अच्छा नहीं लगता था।

हद तो यह थी कि मैं गणित के सवालों को भी एक बार हल कर लेने के बाद दुबारा बनाना पसंद नहीं करता था। कई बार परीक्षा में मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। जानी भी बातें भी समय पर याद नहीं आती थी।

अतः हमें हमेशा लगातार अभ्यास करते रहना चाहिए। अभ्यास ही मनुष्य को पूर्ण बनाता है।

 

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विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।

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