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BNMU भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा साइबर क्राइम को लेकर इतिहास विभाग, पीजी सेंटर, सहरसा में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा साइबर क्राइम को लेकर इतिहास विभाग, पीजी सेंटर, सहरसा में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर भारतीय स्टेट बैंक, पटना मंडल के मुख्य प्रबंधक सह साइबर सुरक्षा नोडल अधिकारी राकेश कान्त चौधरी ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी जो सबको जानना चाहिए.

• ऑनलाइन खरीद-बिक्री में क्यूआर कोड को स्कैन करके पैसा सिर्फ भेजा जाता है आता नहीं है। पैसा रिसीव करने में पिन और पासवर्ड की भी जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए फ्रॉड द्वारा अनुरोध किए जाने पर सावधान रहें.

• उन्होंने कहा कि दो बातें सबसे जरूरी हैं, लोभ में मत पड़िये और डरिये मत. सोशल मीडिया के माध्यम से फ्रॉड पारिवारिक जानकारी प्राप्त कर पुलिस वेश में व्हाट्सप्प कॉल करके ब्लैकमेलिंग करता है. उन्होंने इस बात के लिए भी सावधान किया कि कभी भी अपना पासवर्ड ऑनलाइन सेव मत कीजिये. हर बार मैनुअली पासवर्ड डालिये.

 

• ट्रोजन हॉर्स की कहानी के जरिये उन्होंने किसी भी फोटो और वीडियो को खोलने के प्रति भी सावधान किया. उन्होंने संदेश के लिए टेक्स्ट मैसेज के प्रयोग को ज्यादा सेफ बताया. उन्होंने किसी अनजान लिंक को खोलने के प्रति भी सबको सचेत किया. उन्होंने कहा कि लिंक के जरिये आपके डिजिटल डिवाइस को कंट्रोल किया जा सकता है.

• उन्होंने सबसे जरूरी बात यह कही कि बैंक अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर से किसी अजनबी नंबर पर कॉल करने या रिसीव करने से बचना चाहिए. अनजान नंबर से फोन आने और करने दोनों से बैंक अकॉउंट खाली हो सकता है. साथ ही उन्होंने किसी अनजान आदमी को पेमेंट करने से बचने की भी सलाह दी.