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BNMU दीक्षांत समारोह को लेकर बैठक 29 जून, 2022 को

*दीक्षांत समारोह को लेकर बैठक 29 जून, 2022 को*

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में तीन अगस्त को निर्धारित चतुर्थ दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारियाँ चल रही हैं। समारोह के सफल आयोजन हेतु कुलपति डॉ. आर. के. पी. रमण की अध्यक्षता में सभी पदाधिकारियों, सभी संकायाध्यक्षों एवं सभी विभागाध्यक्षों की बैठक 29 जून, 2022 (बुधवार) को अपराह्न दो बजे से केंद्रीय पुस्तकालय सभागार में आयोजित की गई है।

जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन हेतु विभिन्न कमिटियों के गठन सहित अन्य मामलों पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय (स्थापित 1992) का पहला दीक्षांत समारोह 29 जून, 2016 को हुआ था। इसमें तत्कालीन राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद, जो संप्रति भारत के राष्ट्रपति हैं की गरिमामयी उपस्थित थी।द्वितीय दीक्षांत समारोह 23 दिसंबर, 2018 को हुआ था। इसमें कुलाधिपति सह राज्यपाल लालजी टंडन शामिल थे। तृतीय दीक्षांत समारोह 17 दिसंबर, 2019 को हुआ था। इस अवसर पर अपरिहार्य कारणों से राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान की अनुपस्थित में कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने उनका प्रिंटेड अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत किया था। वर्ष 2020 एवं 2021 में कोरोना संक्रमण के खतरों कारण दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं हो सका। संप्रति अगस्त में विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित होने जा रहा है। इसमें राज्यपाल सह कुलाधिपति के आगमन की उम्मीद है।

Yoga बीएनएमयू : पीजी डिप्लोमा इन योग समिति की बैठक 8 जुलाई, 2022 को

*बीएनएमयू : पीजी डिप्लोमा इन योग समिति की बैठक 8 जुलाई, 2022 को*

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में प्रस्तावित पीजी डिप्लोमा इन योग अर्थात् योग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम समिति की बैठक 8 जुलाई को सुनिश्चित है। इसकी अध्यक्षता समिति की अध्यक्षा सह प्रति कुलपति प्रो. (डाॅ.) आभा सिंह करेंगी। कुलपति प्रो. (डाॅ.) आर. के. पी. रमण के निदेशानुसार कुलसचिव प्रो. (डाॅ.) मिहिर कुमार ठाकुर ने बैठक की अधिसूचना जारी कर दी है।

जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि 23 दिसंबर, 2020 को संपन्न विद्वत परिषद् की बैठक में योग में पीजी डिप्लोमा का पाठ्यक्रम, नामांकन अध्यादेश एवं परीक्षा विनियम आदि को अंतिम रूप देने हेतु एक समिति गठित की गई है। इसमें प्रति कुलपति प्रो. (डाॅ.) आभा सिंह को अध्यक्ष और उप कुलसचिव (अकादमिक) डाॅ. सुधांशु शेखर को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

समिति में नव नालंदा महाविहार, नालंदा में दर्शनशास्त्र के प्रो. (डाॅ.) सुशीम दुबे, योग एवं स्वास्थ्य विभाग, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार (उत्तराखंड) के प्रो. (डाॅ.) सुरेश वर्णवाल एवं श्री श्री विश्वविद्यालय, कटक के प्रो. (डाॅ.) बी. आर. शर्मा बाह्य विशेषज्ञ-सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।

मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) उषा सिंहा, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष शोभाकांत कुमार, निदेशक (शैक्षणिक) प्रो. (डाॅ.) एम. आई. रहमान एवं परीक्षा नियंत्रक आर. पी. राजेश भी समिति में शामिल हैं।

डाॅ. शेखर ने बताया कि योग का सदियों से मानव जीवन में काफी महत्व रहा है और आधुनिक जीवन में भी इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि योग एक विज्ञान है, जिसे सीखने के लिए योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षक की जरूरत होती है। योग का प्रशिक्षण हासिल कर योग एयरोबिक्स इंस्ट्रक्टर, योग थेरेपिस्ट, योग इंस्ट्रक्टर, योग टीचर, थेरेपिस्ट एंड नैचूरोपैथ्स, रिसर्च ऑफिसर के तौर पर काम किया जा सकता है। शिक्षण संस्थान, रिसर्च सेंटर, स्वास्थ्य केंद्र, जिम, हाउसिंग सोसाइटियाँ, कार्पोरेट घराने, टेलीविजन चैनल आदि भी योग प्रशिक्षक हायर करते हैं। जाने-मानी हस्तियाँ भी प्राइवेट योग इंस्ट्रक्टर हायर करते हैं। उन्होंने बताया कि योग कोर्स में निष्णात विद्यार्थियों को भारत के अलावा विदेशों में भी कार्य करने का अवसर मिल सकता है। आज दुनियाभर में भारत के योग शिक्षक-प्रशिक्षक की माँग बढ़ी है। एक अध्ययन के अनुसार भारत में तीन लाख योग प्रशिक्षकों की आवश्यकता है।

YOGA मानवता के लिए योग विषयक संवाद संपन्न

मानवता के लिए योग विषयक संवाद संपन्न

26 जून, 2022 को दर्शनशास्त्र विभाग, भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) के तत्वावधान में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित भारतीय दार्शिनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित स्टडी सर्किल योजनान्तर्गत मानवता के लिए योग विषयक संवाद का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व सांसद एवं पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो. (डॉ.) रामजी सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) के पूर्व अध्यक्ष सह अखिल भारतीय दर्शन परिषद् के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जटाशंकर एवं दर्शनशास्त्र विभाग, पटना विश्वविद्यालय, पटना (बिहार) के प्रो. (डॉ.) एन. पी. तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किए।

इसके पूर्व अतिथियों का अंगवस्त्रम् से स्वागत किया गया। स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष शोभाकांत कुमार और विषय प्रवेश दर्शन परिषद्, बिहार की अध्यक्षा प्रो. (डॉ.) पूनम सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आइसीपीआर, नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रमेशचन्द्र सिन्हा ने की। संचालन दर्शनशास्त्र विभाग, बीएनएमयू, मधेपुरा में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु शेखर और धन्यवाद ज्ञापन पूर्व कुलपति डाॅ. ज्ञानंजय द्विवेदी ने किया। प्रांगण रंगमंच की स्वाति आनंद एवं आदित्य आनंद ने देवी वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान जन-गन-मन के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के आयोजन में प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष डाॅ. संजय परमार एवं दिलखुश, शोधार्थी द्वय सारंग तनय एवं सौरभ कुमार चौहान, गौरव कुमार सिंह, डेविड यादव, प्रणव कुमार प्रियदर्शी आदि ने सहयोग किया।

इस अवसर पर डॉ. शंकर कुमार मिश्र, कैलाश परिहार, अभिषेक कुमार, प्रिंस यादव, डॉ. कमल किशोर, सोना राज, डॉ. सुनील सिंह, अंशु कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार सिंह, शिवा पांडे, अवधेश प्रताप, अरुण कुमार, आरती झा, अशोक कुमार, छोटू कुमार, जूही कुमारी, नीरज कुमार, निधि मिश्रा, नीतू कुमारी, पल्लवी राय, राज कुमार नीतू कुमारी, लल्लू कुमार, गौतम, दीपा भारती, माधव कुमार, चंदन कुमार, प्रवीण कुमार, प्रवीण कुमार, सुशील कुमार, रागिनी सिन्हा, नयन रंजन आदि उपस्थित थे।

*होंगे कुल बारह कार्यक्रम*

आयोजन सचिव डॉ. शेखर ने बताया कि स्टडी सर्किल के अंतर्गत कुल बारह कार्यक्रम होना है। पहला आयोजन तीस अप्रैल को सांस्कृतिक स्वराज विषय पर, दूसरा आयोजन तीस मई को गीता-दर्शन पर और तीसरा 26 जून को मानवता के लिए योग विषय पर संपन्न हुआ। आगे क्रमशः जुलाई 2022 से लेकर मार्च 2023 तक आठ कार्यक्रम होना है।

*क्या है स्टडी सर्किल ?*
डॉ. शेखर ने बताया कि स्टडी सर्कल (अध्ययन मंडल) लोगों का एक छोटा समूह होता है, जो नियमित रूप से विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हैं। कुछ वर्ष पूर्व आईसीपीआर ने स्टडी सर्किल योजना की शुरुआत की है और देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इसे लागू किया गया है। बिहार में सर्वप्रथम पटना विश्वविद्यालय, पटना में स्टडी सर्किल की शुरुआत हुई थी और कुछ दिनों पूर्व भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में भी इसकी स्वीकृति दी गई है।

Yoga मानवता के लिए योग विषयक संवाद संपन्न। संपूर्ण मानवता की धरोहर है योग : डाॅ. जटाशंकर।

*मानवता के लिए योग विषयक संवाद संपन्न*

26 जून, 2022 को दर्शनशास्त्र विभाग, भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) के तत्वावधान में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित भारतीय दार्शिनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित स्टडी सर्किल योजनान्तर्गत मानवता के लिए योग विषयक संवाद का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व सांसद एवं पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो. (डॉ.) रामजी सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) के पूर्व अध्यक्ष सह अखिल भारतीय दर्शन परिषद् के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जटाशंकर एवं दर्शनशास्त्र विभाग, पटना विश्वविद्यालय, पटना (बिहार) के प्रो. (डॉ.) एन. पी. तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किए।

इसके पूर्व अतिथियों का अंगवस्त्रम् से स्वागत किया गया। स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष शोभाकांत कुमार और विषय प्रवेश दर्शन परिषद्, बिहार की अध्यक्षा प्रो. (डॉ.) पूनम सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आइसीपीआर, नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रमेशचन्द्र सिन्हा ने की। संचालन दर्शनशास्त्र विभाग, बीएनएमयू, मधेपुरा में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु शेखर और धन्यवाद ज्ञापन पूर्व कुलपति डाॅ. ज्ञानंजय द्विवेदी ने किया। प्रांगण रंगमंच की स्वाति आनंद एवं आदित्य आनंद ने देवी वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान जन-गन-मन के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के आयोजन में प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष डाॅ. संजय परमार एवं दिलखुश, शोधार्थी द्वय सारंग तनय एवं सौरभ कुमार चौहान, गौरव कुमार सिंह, डेविड यादव, प्रणव कुमार प्रियदर्शी आदि ने सहयोग किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, क्रीड़ा एवं संस्कृति परिषद् के सचिव डॉ. शंकर कुमार मिश्र, के. पी. काॅलेज, मुरलीगंज के डॉ. अमरेन्द्र कुमार, कैलाश परिहार, अभिषेक कुमार, प्रिंस यादव, डॉ. कमल किशोर, सोना राज, डॉ. सुनील सिंह, अंशु कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार सिंह, शिवा पांडे, अवधेश प्रताप, अरुण कुमार, आरती झा, अशोक कुमार, छोटू कुमार, जूही कुमारी, नीरज कुमार, निधि मिश्रा, नीतू कुमारी, पल्लवी राय, राज कुमार नीतू कुमारी, लल्लू कुमार, गौतम, दीपा भारती, माधव कुमार, चंदन कुमार, प्रवीण कुमार, प्रवीण कुमार, सुशील कुमार, रागिनी सिन्हा, नयन रंजन आदि उपस्थित थे।

*होंगे कुल बारह कार्यक्रम*

आयोजन सचिव डॉ. शेखर ने बताया कि स्टडी सर्किल के अंतर्गत कुल बारह कार्यक्रम होना है। पहला आयोजन तीस अप्रैल को सांस्कृतिक स्वराज विषय पर, दूसरा आयोजन तीस मई को गीता-दर्शन पर और तीसरा 26 जून को मानवता के लिए योग विषय पर संपन्न हुआ। आगे क्रमशः जुलाई 2022 से लेकर मार्च 2023 तक आठ कार्यक्रम होना है।

*क्या है स्टडी सर्किल ?*
डॉ. शेखर ने बताया कि स्टडी सर्कल (अध्ययन मंडल) लोगों का एक छोटा समूह होता है, जो नियमित रूप से विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हैं। कुछ वर्ष पूर्व आईसीपीआर ने स्टडी सर्किल योजना की शुरुआत की है और देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इसे लागू किया गया है। बिहार में सर्वप्रथम पटना विश्वविद्यालय, पटना में स्टडी सर्किल की शुरुआत हुई थी और कुछ दिनों पूर्व भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में भी इसकी स्वीकृति दी गई है।

BNMU 26 जून, 2022 (रविवार) को मानवता के लिए योग विषयक संवाद का आयोजन

*सादर आमंत्रण*
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दर्शनशास्त्र विभाग, भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) के तत्वावधान में 26 जून, 2022 (रविवार) को मानवता के लिए योग विषयक संवाद का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित स्टडी सर्किल योजना के तहत आयोजित है।

विनम्र प्रार्थना है कि इसमें ऑनलाइन भागीदारी सुनिश्चित कर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने का कष्ट करेंगे।

#गूगल_मीट_लिंक :

https://meet.google.com/zkt-fqqj-ctb

+++कार्यक्रम विवरण+++
(पू. 11:00- अ. 01:30)

पू. 11:00 = संगीत- सौजन्य : प्रांगण रंगमंच, मधेपुरा

पू. 11:15 = स्वागत भाषण
#प्रो. (डॉ.) पूनम सिंह, अध्यक्ष, दर्शन परिषद्, बिहार एवं पूर्व अध्यक्षा, दर्शनशास्त्र विभाग, पटना विश्वविद्यालय, पटना

पू. 11: 30 = मुख्य अतिथि का उद्बोधन
#प्रो. (डॉ.) जटाशंकर, अध्यक्ष, अखिल भारतीय दर्शन परिषद् एवं पूर्व अध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)

पू. 11:50= आशीर्वचन
#पद्मश्री प्रो. (डॉ.) रामजी सिंह, पूर्व सांसद, पूर्व कुलपति एवं संस्थापक अध्यक्ष, गाँधी विचार विभाग, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर (बिहार)

अ. 12: 05= अध्यक्षीय वक्तव्य
#प्रो. (डॉ.) रमेशचन्द्र सिन्हा, पूर्व अध्यक्ष, आइसीपीआर, नई दिल्ली एवं पूर्व अध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग, पटना विश्वविद्यालय, पटना

अ.12:30-01:30**ऑफलाइन कार्यक्रम*
गरिमामयी उपस्थित
#प्रो. (डॉ.) एन. पी. तिवारी, दर्शनशास्त्र विभाग, पटना विश्वविद्यालय, पटना
#प्रो. (डॉ.) ज्ञानंजय द्विवेदी, मा. पूर्व कुलपति, बीएनएमयू, मधेपुरा (बिहार)
#प्रो. (डॉ.) मिहिर कुमार ठाकुर, कुलसचिव, बीएनएमयू, मधेपुरा (बिहार)
#श्री शोभाकांत कुमार, विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग, बीएनएमयू, मधेपुरा

*निवेदक*
डॉ. सुधांशु शेखर
(आयोजन सचिव)
9934629245

#गूगल_मीट_लिंक :

https://meet.google.com/zkt-fqqj-ctb

BNMU दीक्षांत समारोह 3 अगस्त, 2022 को

*दीक्षांत समारोह 3 अगस्त को*

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में चतुर्थ दीक्षांत समारोह तीन अगस्त को होगा। यह जानकारी जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर नै दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. आर. के. पी. रमण ने कुलाधिपति फागू चौहान को पत्र भेजकर और उनसे मिलकर भी इसके लिए अनुरोध किया था। कुलपति के प्रस्ताव पर सम्यक् विचारोपरांत कुलाधिपति फागू चौहान ने 3 अगस्त, 2022 की तिथि निर्धारित करने की कृपा की है। इस संबंध मे राज्यपाल सचिवालय, राजभवन, पटना के संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता ने पत्र पत्रांक- बीएनएमयू- 07/2012-848/रा. सं . i, दिनांक-18. 06. 2022 के माध्यम से इसकी सूचना दी है।

डा. शेखर ने बताया कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना दस जनवरी 1992 को हुई। इसका पहला दीक्षांत कार्यक्रम तत्कालीन कुलपति डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में 29 जून, 2016 को हुआ था। इसमें तत्कालीन राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद, जो संप्रति भारत के राष्ट्रपति हैं की गरिमामयी उपस्थित थी। इसके दो वर्षों बाद द्वितीय दीक्षांत समारोह तत्कालीन कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय के कार्यकाल में 23 दिसंबर 2018 को हुआ था। इसमें कुलाधिपति सह राज्यपाल लालजी टंडन शामिल थे। इस दौरान पहली बार विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिया गया था।

उन्होंने बताया कि तृतीय दीक्षांत समारोह 17 दिसंबर 2019 को हुआ था। इसमें इक्कीस विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 40 को पी-एच. डी और 234 को स्नातकोत्तर की उपाधि वितरित की गई थी। इस अवसर पर अपरिहार्य कारणों से राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान की अनुपस्थित में कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने उनका प्रिंटेड अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत किया था। संप्रति अगस्त में विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित होने जा रहा है। इसमें राज्यपाल सह कुलाधिपति के आगमन की उम्मीद है।

BNMU इआरपी लागू करने से संबंधित बैठक 24 जून, 2022 को

*इआरपी लागू करने से संबंधित बैठक *

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा और इसके सभी अंगीभूत एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में उद्यम संसाधन योजना अर्थात् एंटरप्राइज रिसोर्स प्लांनिंग (ईआरपी) का कार्यान्वयन करने की योजना है। इसके सभी पहलुओं एवं इससे जुड़े सभी मामलों पर सम्यक् विचार हेतु समिति की बैठक 24 जून, 2022 को कुलसचिव कार्यालय में आयोजित होगी। इसमें मुख्य रूप से डीएसडब्लू प्रो. (डॉ.) पवन कुमार, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) मिहिर कुमार ठाकुर, वित्त पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार झा, बी. एस. एस. कॉलेज, सुपौल के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार, एच. पी. एस. कॉलेज, निर्मली के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) उमाशंकर चौधरी, के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज के प्रधानाचार्य डॉ. जवाहर पासवान एवं पार्वती विज्ञान महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार और मधेपुरा कॉलेज, मधेपुरा के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार एवं यू. वी. के. कॉलेज, कड़ामा-आलमनगर के प्रधानाचार्य डॉ. माधवेन्द्र झा शामिल होंगे। वित्तीय परामर्शी नरेन्द्र प्रसाद सिन्हा एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर को आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

*क्या है ईआरपी ?*

डॉ. शेखर ने बताया कि उद्यम संसाधन योजना अर्थात् एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) एक प्रकार के सॉफ्टवेयर को संदर्भित करता है, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय या कोई भी संस्थान अपने दिन-प्रतिदिन की कार्यों एवं गतिविधियों का प्रबंधन कर सकते हैं। इसके लागू होने से नैक मूल्यांकन कार्यों में गतिशीलता एवं एकरुपता लाने और शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कार्यों एवं गतिविधियों के सुगम एवं पारदर्शी संचालन में मदद मिलेगी।

BNMU पूर्व प्रधानाचार्य के निधन पर शोक सभा

शोक सभा

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव नंदन प्रसाद यादव के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. के. पी. यादव ने कहा कि डॉ. राजीव नंदन यादव विराट व्यक्तित्व के स्वामी थे। वे महाविद्यालय के बारहवें प्रधानाचार्य थे। उन्होंने 28 फ़रवरी 2002 से 31 जुलाई 2005 तक महाविद्यालय की सेवा की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कैलाश प्रसाद यादव, पूर्व वित्त पदाधिकारी डॉ. एमएस पाठक, कुलानुशासक डॉ. विश्वनाथ विवेका, महाविद्यालय निरीक्षक कला एवं वाणिज्य डॉ. गजेंद्र प्रसाद, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मिथिलेश कुमार अरिमर्दन, पूर्व परिसंपदा पदाधिकारी बीपी यादव, जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर द्र प्रसाद या आदि उपस्थित थे।

*अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन*
अकाट्य है योग : प्रति कुलपति
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योग विश्व को भारत की बहुमूल्य देन है। दुनिया के कल्याण में इसकी उपयोगिता अकाट्य है। यह बात बीएनएमयू प्रति कुलपति प्रोफेसर डाॅ. आभा सिंह ने कही।
वे मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के तत्वावधान में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम का उद्घाटन कर रही थीं। कार्यक्रम में 17 बिहार बटालियन एनसीसी अंतर्गत मधेपुरा जिलेके विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के कैडेट एवं राष्ट्रीय सेवा योजना मधेपुरा, कॉलेज मधेपुरा के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

उन्होंने बताया कि योग के आठ अंग माने गए हैं ।
यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि। इसमें पाँच योग की पहली कड़ी है। ये पांच हैं यथा- अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य एवं और अपरिग्रह। महात्मा गांधी ने भी इन सदगुणों का पालन आवश्यक माना है।

उन्होंने कहा कि योग हमारे शरीर, मन एवं आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करता है। यह शरीर को मन से, आत्मा को परमात्मा से और व्यष्टि को समष्टि से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि योग भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं परंपरा में आदिकाल से शामिल है। महर्षि पतंजलि के हजारों वर्ष पूर्व भी भारत में योग की विभिन्न पद्धतियों का उल्लेख है।

उन्होंने कहा कि ही योग संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति का श्रेयष्कर मार्ग है, जो पहले से ही रोग को आने से रोकने का उपाय सुझाता है। हमारे ॠषि-मुनि योग के इस महात्म्य को जानते थे और वे योगशक्ति के बल पर दीर्घजीवी होते थे। आज भी हम योग को अपनाकर दीर्घकाल तक निरोगी जीवन जी सकते हैं और भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति के शिखर पर पहुंच सकते है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नैतिक नियम यही है कि हम दूसरों के साथ वही व्यवहार करें, जो हम चाहते हैं कि दूसरे हमारे साथ करें। हमें आत्मानुशासित रहना चाहिए। दूसरा हमें देख रहा हो या ना देख रहा हो, सर्वप्रथम हम अपने आप को देख रहे होते हैं। सबसे बड़ा निर्णायक व्यक्ति स्वयं होता है। मुझे कोई देखे या ना देखे मैं वहीं काम करूँ, जो सही है।

प्रधानाचार्य डाॅ. अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2015 से वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरूआत हुई है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया योग की ओर आकर्षित है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योग की वैश्विक महत्ता का प्रमाण है।

एनसीसी पदाधिकारी कै. गौतम कुमार ने कहा कि योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भारत सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बधाई एवं प्रशंसा के पात्र हैं।

उप कुलसचिव (अकादमिक) डाॅ. सुधांशु शेखर ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर भी प्रत्येक वर्ष योग दिवस मनाया जाता रहा है। विश्वविद्यालय में पीजी डिप्लोमा इन योग कोर्स भी शुरू करने के लिए कमिटी का गठन किया गया है।

योग शिक्षिक डाॅ. एन. के. निराला ने कहा कि योग करेंगे, तो सभी बीमारियों से बच सकते हैं।

 

इसके पूर्व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। योग शिक्षिक के मार्गदर्शन में सबों ने योगाभ्यास किया। विभिन्न योगासनों के अलावा कपालभाति, भ्रामरी आदि प्राणायामों का अभ्यास किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अशोक कुमार ने की। संचालन कैप्टन गौतम कुमार और धन्यवाद ज्ञापन मनोज भटनागर ने किया

इस अवसर पर डॉ. आरती झा, मोहम्मद सुएब आलम, डॉ. रत्नाकर भारती, डॉ. रूपा कुमारी, डॉ. सच्चिदानंद, चंदेश्वरी यादव, दिनेश प्रसाद, विवेक कुमार, गजेंद्र प्रसाद यादव, जय नारायण, डॉ. महेश्वर यादव, शंकर आर्य, लीला कुमारी, किरण कुमारी, शंभु कुमार, शंकर कुमार सहित मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा, टी. पी. काॅलेज, मधेपुरा एवं रास बिहारी महाविद्यालय आदि के विद्यार्थी उपस्थित थे।

BNMU कार्यशाला कमिटी के सदस्यों का सम्मान

*कार्यशाला कमिटी के सदस्यों का सम्मान*

केंद्रीय पुस्तकाल, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में 18 मई से 16 जून तक आयोजित तीस दिवसीय उच्चस्तरीय राष्ट्रीय कार्यशाला
की सलाहकार समिति के सदस्यों को मंगलवार को सम्मानित किया गया। कार्यशाला के संयोजक संयोजक डॉ. अशोक कुमार एवं आयोजन सचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने नार्थ कैम्पस जाकर सभी सदस्यों को सम्मानित किया। इनमें सामाजिक विज्ञान संघ का अध्यक्ष डॉ राजकुमार सिंह विज्ञान संकाय अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. एम. आई. रहमान एवं रसायनशास्त्र विभाग के डॉ. नरेश कुमार के नाम शामिल हैं। आगे कार्यशाला में सहयोग करने वाले अन्य सदस्यों एवः पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।

डॉ. शेखर ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह कार्यशाला संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन योजना (एनएमएम) द्वारा प्रायोजित थी। इसके सफल आयोजन में एनएमएम के निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रतापानंद झा एवं साइंटिफिक आफिसर डॉ. श्रीधर बारी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. के. पी. रमण, प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) आभा सिंह, वित्तीय परामर्शी नरेंद्र प्रसाद सिन्हा एवं कुलसचिव प्रो. (डॉ.) मिहिर कुमार ठाकुर, उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) के अवध किशोर राय एवं समापन समारोह के मुख्य अतिथि जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. (डॉ.) फारूक अली सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों का बहुमूल्य योगदान रहा।