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BNMU इंटरएक्टिव कक्षा का आयोजन

*इंटरएक्टिव कक्षा का आयोजन*

स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में सत्र संचालन पूर्व इंटरएक्टिव कक्षा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मनोविज्ञान के वरिष्ठ अध्यापक एवं अकादमिक निदेशक प्रोफेसर डॉ. एम. आई रहमान ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास है। इसमें बौद्धिक विकास के साथ-साथ चारित्रिक विकास की बात भी शामिल है।

उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और वर्ग में शत-प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि मनोविज्ञान विभाग सभी सुविधाओं से लैस है। वाईफाई की भी सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से ई कंटेंट्स का अध्यन कर सकते हैं। साथ ही साथ सेमिनार लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध हैं। विभाग में आधुनिक प्रयोगशाला है, जिसमें मनोविज्ञानिक प्रशिक्षण से व्यक्तित्व विकास कराया जाता है। विभाग विद्यार्थियों को सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने और उनकी हरसंभव सहायता हेतु तत्पर है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सीबीसीएस पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इसके मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि क्रीड़ा सचिव डाॅ. अबुल फजल ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। उन्होंने अध्ययन के साथ-साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने की अपील की।

उन्होंने शिक्षा एवं खेल के सहसंबंध पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय को खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए विद्यार्थियों से सहयोग की अपील की।

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शंकर कुमार मिश्र ने छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक दोनों वर्गों में उपस्थित रहने पर ज़ोर दिया।

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अनुशासन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे। इनमें मधु कुमारी, मौसम कुमारी, अंकिता कुमारी, मंजीदा एवं नेहा सोनी आदि प्रमुख हैं।

NSS शिविर का समापन। युवा ही राष्ट्र के आधार : डाॅ. राजकुमार सिंह

*शिविर का समापन*

युवा ही राष्ट्र के आधार : डाॅ. राजकुमार सिंह
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युवा ही समाज एवं राष्ट्र के आधार हैं। युवाओं के ऊपर ही परिवार, समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास की जिम्मेदारी है। अतः युवाओं को आगे बढ़कर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

यह बात सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. राजकुमार सिंह ने कही।

वे मंगलवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

*युवाओं के दम पर ही होती है प्रगति*

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक सत्य है कि कोई भी समाज एवं राष्ट्र युवाओं के दम पर ही प्रगति करता है। आज भारत में युवाओं की संख्या अधिक है। इसलिए भारत के विकास की असीम संभावनाएँ हैं। जिस देश में युवाओं की संख्या कम हो रही है, वे देश चिंतित हैं।

*कर्म ही पूजा है*

उन्होंने कहा कि सोचने एवं बोलने से अधिक करने का महत्व करने का महत्व है। युवाओं को कर्म को पूजा मानना चाहिए और अपने ज्ञान को समाज के हित में लगाना चाहिए। युवाओं ने शिविर में जो भी सीखा है, उसे व्यक्तिगत जीवन में अपनाएँ और उसे समाज तक ले जाएँ।अपने जीवन में प्रगति करें और समाज एवं राष्ट्र के लिए भी प्रेरक बनें।

*व्यक्तित्व विकास में है एनएसएस की भूमिका*

मानविकी संकायाध्यक्ष डाॅ. उषा सिन्हा ने कहा कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र-निर्माण में एनएसएस महती भूमिका है। यह युवाओं को समाज एवंशराष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है।

*उर्जा के भंडार हैं युवा*

उन्होंने कहा कि युवा उर्जा के भंडार हैं। हमें युवाओं की उर्जा को सकारात्मक दिशा देने की जरूरत है। युवाओं की उर्जा राष्ट्र-निर्माण में लगेगी, तो राष्ट्र का विकास कोई नहीं रोक सकेगा।

*स्वार्थ से ऊपर उठें*

वार्ड पार्षद अहिल्या देवी ने स्वयंसेवकों को आशीर्वाद दिया कि वे अपने जीवन में सफल हों और अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र का नाम रौशन करें। अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करे।

*दूसरों के लिए जीते की प्रेरणा देता है एनएसएस*

एनएसएस समन्वयक डाॅ. अभय कुमार ने कहा कि एनएसएस का सूत्र वाक्य मैं नहीं, आप है। यह हमें अपने निहित स्वार्थ को छोड़कर दूसरों के लिए जीने की प्रेरणा देता है।

*विश्वबंधुत्व की सीख देता है एनएसएस*

उन्होंने बताया कि एनएसएस की शुरूआत महात्मा गाँधी के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से की गई है। यह युवाओं में देशप्रेम एवं विश्वबंधुत्व की सीख देता है। एनएसएस ने बाढ़, भूकंप एवं कोरोना आदि आपदाओं के समय सेवा की मिशाल कायम की है।

*राष्ट्रसेवा है सबसे बड़ा धर्म*

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. के. पी. यादव ने कहा कि राष्ट्रसेवा सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इसलिए हमारी कामना होनी चाहिए कि हमें जन्मों- जन्मों तक राष्ट्रसेवा का सुअवसर मिले।

*अंतिम व्यक्ति के हित में कार्य करें*

सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान ने कहा कि युवा पठन-पाठन के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ें और समाज के अंतिम व्यक्ति के हित में कार्य करें।

*हुए विभिन्न कार्यक्रम*

कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर ने शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शिविर में एड्स नियंत्रण, सेहत के सूत्र, संविधान की प्रस्तावना, राष्ट्र-निर्माण में डाॅ. अंबेडकर का योगदान आदि विषयों पर परिचर्चा हुई। दो दिन निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श दिया गया। तीन दिन अलग-अलग विषयों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। एक दिन स्वास्थ्य जागरूकता एवं साबुन वितरण और एक दिन शिक्षा जागरूकता एवं कलम वितरण किया गया। वार्ड नंबर चार में स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सीएम साइंस काॅलेज, मधेपुरा के संजय कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन गणित विभागाध्यक्ष डाॅ. एम. एस. पाठक ने की।

कार्यक्रम की शुरूआत स्वामी विवेकानंद, महात्मा गाँधी एवं कीर्ति नारायण मंडल के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई। अतिथियों का अंगवस्त्रम् एवं सामाजिक न्याय : अंबेडकर-विचार और आधुनिक संदर्भ पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रांगण रंगमंच की आरती आनंद ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर डाॅ. उपेंद्र प्रसाद यादव, डाॅ. अमरेंद्र कुमार, सीनेटर रंजन कुमार, काउंसिल मेम्बर माधव कुमार, शोधार्थी द्वय सारंग तनय एवं सौरभ कुमार चौहान, बीसीए के विभागाध्यक्ष डाॅ. के. के. भारती, बायोटेक के प्रणव कुमार प्रियदर्शी, गौरव कुमार सिंह, सूरज कुमार, प्रिंस कुमार, नेहा प्रवीण, कशिश नाज़, अमन आनंद, अटल कुमार, नमन कुमार, आशीष कुमार, सोनू कुमार, रंजन कुमार, अभिमन्यु कुमार, प्रिंस कुमार, रितेश कुमार, शंकर कुमार, प्रवीण कुमार, गोपाल कुमार, राहुल कुमार, राजा बाबू, हिमांशु कुमार, आशीष कुमार, नूतन कुमारी, दिलखुश कुमार, इन्दजीत कुमार, नीतीश कुमार, विकाश कुमार, राकेश कुमार, आरती कुमारी, आशीष कुमार, प्रिंस कुमार, समीर कुमार, अंजलि कुमारी, पूजा कुमारी, माधवी कुमारी, ब्यूटी कुमारी, राहुल कुमार, विक्रम कुमार, भारती कुमारी, आकृति रंजन, नेहा भारती, ममता, शिवम कुमार, छोटू कुमार, सक्षम कुमार, सौरभ कुमार, आदित्य कुमार, माधव कुमार, सुधांशु सत्यम, प्रिंस राज आदि उपस्थित थे।

NSS शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। कलम वितरण

शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

*कलम वितरण*

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत वार्ड नंबर चार में शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इसके अंतर्गत शिक्षकों और स्वयंसेवक- स्वयंसेविकाओं ने लोगों को शिक्षा के महत्व की जानकारी दी तथा कलम का वितरण किया गया।

कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने कहा कि शिक्षा ही जीवन की ज्योति है। हमें शिक्षा की रौशनी को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए।

NSS शिविर में दिया गया निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श

*शिविर में दिया गया निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श*

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई द्वारा संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन तीन चिकित्सकों ने शिविरार्थियों को सेहत के सूत्र बताए और निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श दिया।

वरिष्ठ महिला चिकित्सक डा. नायडू कुमारी ने कहा कि हमारे समाज में महिला स्वास्थ्य की स्थिति ज्यादा खराब है।महिलाओं को प्रायः पोषण तत्व कम मिल पाता है और उनमें रक्त की भी कमी होती है। अतः हमें महिलाओं को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना चाहिए और बालिकाओं एवं महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रक्त की कमी एक चिकित्सीय समस्या के साथ-साथ एक सामाजिक समस्या भी है। प्रायः कम उम्र में शादी होने के कारण बालिकाओं को रक्त की कमी का सामना करना पड़ता है और कई अन्य समस्याएँ भी आती हैं। अतः बालिकाओं की शादी 18 वर्ष के बाद ही करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्राय महिलाएँ अपने खानपान पर ध्यान नहीं देती हैं।
फास्टफूड खाना और वज़न कम करने के लिए डायटिंग करना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। डायटिंग करने या कम खाने से वज़न और बढ़ सकता है। अतः डायटिंग नहीं करें, बल्कि संतुलित आहार लें।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक श्रम आवश्यक है। हम जितना कैलोरी लेते हैं, उसे खर्च करना भी जरूरी है। अतः नियमित व्यायाम और शारिरिक श्रम आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि रक्त के माध्यम से ही हमारे शरीर में ऑक्सीजन एवं अन्य पोषक तत्वों का प्रवाह होता है। हमारे लिए ऑक्सीजन का क्या महत्व है, यह कोरोनाकाल में पूरी दुनिया जान गई है।

उन्होंने सबों से अपील की कि वे कोरोना टीका का दोनों डोज लें।गर्भवती महिलाऐं भी कोरोना टीका लें।

युवा चिकित्सिका डा. ऋचा पल्लवी ने कहा कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। हम सबों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। हम ऐसी जीवनशैली अपनाएँ, जिससे हम अस्वस्थ हों ही नहीं।

दंत चिकित्सक डा. सुनीति राय ने बताया कि दाँत भोजन को चीरने, चबाने आदि के काम आता है। हमें जीवन भर दाँतों की जरूरत होती है। अतः दाँतों की देखभाल संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। साथ ही चमकते दाँत हमारी सुंदरता को भी बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि हमें दाँतों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। हम नियमित रूप से दातों की सफाई करें। कोल्ड ड्रिंक आदि नहीं पीएँ। नींबू, सरसों का तेल, लौंग, हींग, प्याज, तेजपत्ता, अदरक, अमरूद के पत्ते, लहसुन, तिल का तेल, पुदीना आदि का सेवन करें।

अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने अंगवस्त्रम् एवं गाँधी-विमर्श पुस्तक भेंट कर की। कार्यक्रम की अध्यक्षता गणित विभागाध्यक्ष डाॅ. एम. एस. पाठक ने की। संचालन सीएम साइंस काॅलेज, मधेपुरा के कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ. संजय परमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम पदाधिकारी
डाॅ. सुधांशु शेखर ने की।कार्यक्रम में शिविरार्थियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। दर्जनों लोगों को नि:शुल्क परामर्श दिया गया और कुछ आवश्यक दवाइयाँ भी दी गईं।

इस अवसर पर डाॅ. रोहिणी, डाॅ. प्रकृति राय, डाॅ. खुशबू शुक्ला, डाॅ. स्वर्ण मणि, सोनू कुमार, विक्रम कुमार, प्रिंस कुमार, प्रवीण कुमार, राहुल कुमार, आशीष कुमार, सुधांशु सत्यम, राजा बाबू, इन्द्रजीत कुमार, ब्युटी कुमारी, पूजा कुमारी, नेहा भारती आदि उपस्थित थे।

प्रधानाचार्य ने बताया कि मंगलवार को डाॅ. अंबेडकर : जीवन एवं दर्शन विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। साथ ही समापन समारोह होगा। समारोह में सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार सिंह, मानविकी संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ. उषा सिन्हा, एनएसएस समन्वयक डाॅ. अभय कुमार एवं वार्ड पार्षद अहिल्या देवी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

Ambedkar याद किए गए डाॅ. अंबेडकर। जन कल्याण के लिए समर्पित थे अंबेडकर : कल्याण पदाधिकारी

*याद किए गए डाॅ. अंबेडकर*

जन कल्याण के लिए समर्पित थे अंबेडकर : कल्याण पदाधिकारी

राष्ट्रभक्त थे डाॅ. अंबेडकर : प्रधानाचार्य
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*संविधान बचाएँ*
डाॅ. भीमराव अंबेडकर ने संपूर्ण विश्व के संविधान का अध्ययन कर भारत का संविधान बनाया। यह संविधान दुनिया का सबसे बेहतर संविधान है। इसके माध्यम से भारत के सभी लोगों के लिए स्वतंत्रता, समानता, बंधुता की गारंटी दी गई है। यह संविधान चंद लोगों के लिए नहीं है, सबों के लिए है। अतः हम सबों की यह जिम्मेदारी है कि हम संविधान को बचाएँ और इसकी मूल भावना को अक्षुण्ण रखें।

यह बात राजकीय अंबेडकर कल्याण छात्रावास के अधीक्षक डाॅ. जवाहर पासवान ने कही।

वे सोमवार को भारतरत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। समारोह का आयोजन ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रथम इकाई के द्वारा किया गया।

उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि आजादी के 75वें वर्ष में भी हम संविधान की मूल भावना को आत्मसात नहीं कर पाए हैं। इसी कारण हम आज भी बदहाल हैं। आज भी वंचितों को उनका हक-अधिकार एवं मान-सम्मान नहीं मिला है। इसमें हमारी अपनी कमी है।

उन्होंने कहा कि हम डाॅ. अंबेडकर के कारवाँ को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। उनके विचारों को जीवन में अपनाकर ही हम अपना जीवन सफल एवं सार्थक कर सकते हैं।

*केवल दलितों के मसीहा नहीं थे अंबेडकर*

कार्यक्रम का संचालन करते हुए जनसंपर्क पदाधिकारी सुधांशु शेखर ने कहा कि डाॅ. अंबेडकर ने केवल दलितों के नेता नहीं थे, बल्कि वे संपूर्ण मानवता के उन्नायक थे। उन्होंने जीवनभर संघर्ष कर हम सबों के लिए सामाजिक न्याय की रोशनी लाई। हमें इस रोशनी को घर-घर तक पहुँचाना है। डॉ. अंबेडकर के विचारों एवं कार्यों को आगे बढ़ाना है। उनके सपनों को साकार करना है।

*जन कल्याण के लिए समर्पित थे अंबेडकर*

मुख्य अतिथि जिला कल्याण पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि डाॅ. अंबेडकर ने दुनिया में एक अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, कानूनविद, दार्शनिक एवं राजनीतिज्ञ के रूप में प्रसिद्ध हैं। आज पूरा विश्व उनके विचारों की ओर आकर्षित है।

 

*राष्ट्रभक्त थे डाॅ. अंबेडकर*

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने कहा कि डाॅ. अंबेडकर एक प्रखर देशभक्त एवं मानवता के पुजारी थे। उनका एकमात्र संदेश है कि हम दुनिया के सभी लोगों से प्रेम करें। उनका दर्शन दुनिया की बहुमूल्य निधि है।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने डाॅ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया। मुख्य अतिथि को सामाजिक न्याय : अंबेडकर-विचार और आधुनिक संदर्भ पुस्तक भेंट की गई।

इस अवसर पर बीसीए विभागाध्यक्ष के. के. भारती, बायोटेक के प्रणव कुमार प्रियदर्शी, समाजशास्त्र विभाग के डाॅ. राजकुमार रजक, काउंसिल मेम्बर द्वय दिलीप दिल एवं माधव कुमार, शोधार्थी द्वय सारंग तनय एवं सौरभ कुमार चौहान, गौरब कुमार सिंह, नेहा भारती, प्रह्लाद कुमार, भानू कुमार, आनंद राज़, राजकिशोर कुमार, राजीव कुमार, रतन कुमार, सौरभ कुमार, आदित्य कुमार, शिवम कुमार, रोहन छोटू, नयन कुमार, कशिश नाज, महेश कुमार, हिमांशु कुमार, मधु कुमारी, मंजीत कुमार, भारती कुमारी, अंजलि कुमारी, माधवी राज़, आकृति रंजन, दिलखुश कुमार दिनकर, नेहा प्रवीण, गौतम कुमार, अमन आनंद, राकेश राज, प्रिंस कुमार, रंजन कुमार, अंगद कुमार, मनीष कुमार आदि उपस्थित थे।

NSS सात दिवसीय विशेष शिविर का छठे दिन का कार्यक्रम

सादर आमंत्रण
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ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना, इकाई-i द्वारा संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन 06 दिसंबर, 2021 (सोमवार) को पूर्वाह्न 10:00- पूर्वाह्न 11:00 तक डाॅ. अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर राष्ट्र-निर्माण में डाॅ. अंबेडकर का योगदान विषयक परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि जिला कल्याण पदाधिकारी श्री मनोज कुमार होंगे।साथ ही डाॅ. अंबेडकर : जीवन एवं दर्शन विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा पूर्वाह्न 11:00- अपराह्न 12:00 तक तीन चिकित्सकों यथा- डा. नायडू कुमारी, डा. सुनीति राय एवं डा. ऋचा पल्लवी के निदेशन में चिकित्सा शिविर भी आयोजित होगा।

NSS शिविर का पाँचवाँ दिन स्वास्थ्य जागरूकता परिचर्चा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

शिविर का पाँचवाँ दिन

स्वास्थ्य जागरूकता परिचर्चा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

*दिल की धड़कनों पर ही निर्भर है हमारा जीवन : डा. पंकज*

हृदय अर्थात दिल हमारे शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। यह 24 घंटे काम करता है और ताउम्र कभी भी आराम नहीं करता। हमारा जीवन दिल की धड़कनों पर ही निर्भर है।

यह बात हृदयरोग विशेषज्ञ डा. पंकज कुमार ने कही। वे रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में स्वास्थ्य जागरूकता परिचर्चा एवं स्वास्थ्य शिविर में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि हृदय हमारे शरीर में छाती के मध्य में, थोड़ी सी बाईं ओर स्थित होता है। यह एक दिन में लगभग एक लाख बार एवं एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है। यह हर धड़कन के साथ शरीर में रक्त को धकेलता रहता है। हृदय हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सही रखता है और बाकी अंगों को भी स्वस्थ को रखने में मदद करता है।

*सर्दियों में रखें विशेष सावधानी*

उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना अधिक रहती हैं। दिल की सेहत के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। छाती में दर्द, पसीना छूटना, चक्कर आदि के लक्षण हो तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।

*पूरी नींद लें*

उन्होंने बताया कि नींद की कमी शरीर को असंतुलित कर सकती है। 6 घंटे से कम और 8 घंटे से अधिक सोने पर दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। अतः नियमित तौर पर 8 घंटे की पूरी नींद लेनी चाहिए।


*तनाव से बचें*

उन्होंने बताया कि
तनाव बीमारियों की जड़ है। तनाव के बढ़ने से हमारे शरीर का संपूर्ण तंत्र असंतुलित हो जाता है और दिल पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

*सक्रिय रहें*
उन्होंने बताया कि हमें स्वास्थ सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। हमें अपने संपूर्ण स्वास्थ्य और विशेषकर दिल की सेहत का ध्यान रखना चाहिए। हमारे स्वास्थ्य के लिए ससमय संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग-ध्यान एवं शारीरिक श्रम आवश्यक है। साथ ही हमारा मन एवं मस्तिष्क प्रसन्न रहेगा, तो हम हमेशा स्वस्थ रहेंगे और हमारे दिल को भी शकुन मिलेगा।

*कोरोना से बचें*
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डा. अमरेंद्र नारायण शाही ने कहा कि सरकार एवं समाज के प्रयास से कोरोना वायरस पर बहुत हद तक नियंत्रण हुआ है। लेकिन इसका खतरा अभी तक टला नहीं है।महामारी का खतरा अभी भी टला नहीं है। तीसरी लहर आने की आशंका है। इसलिए हमें अभी भी कोई ढिलाई नहीं करनी चाहिए।
हम सबों को कोरोना से सावधान रहना है।

उन्होंने सभी लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु निर्धारित सभी दिशानिर्देशों (एसओपी) हरसंभव पालन करने की सलाह दी और टीकाकरण अभियान को सफल बनाने पर जोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण कोरोना से बचाव में सबसे कारगर हथिथार है। पहला डोज मिलने पर 80 प्रतिशत और दूसरा डोज मिलने पर शत-प्रतिशत बचाव संभव है। अतः सभी लोगों का पूर्ण टीकाकरण आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना एवं अन्य महामारियों-बीमारियों से बचाव हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है। हमें लोगों के बीच सरकारी स्तर पर उपलब्ध सेवाओं के प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। अक्सर लोग जानकारी एवं जागरूकता के अभाव में बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान ने कहा कि इस शिविर ने एक इतिहास रचा है।

सीएम साइंस कॉलेज, मधेपुरा में असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. संजय कुमार ने कहा कि शिविर के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन अनुकरणीय है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने की। संचालन जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर रामकृष्ण यादव, सीनेटर रंजन यादव, काउंसिल मेम्बर माधव कुमार, शोधार्थी द्वय सारंग तनय एवं सौरभ कुमार चौहान, बीसीए विभाग के के. के. भारती, बायोटेक के प्रणव कुमार प्रियदर्शी एवं गौरव कुमार सिंह (भागलपुर) आदि उपस्थित थे।
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*प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित*

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत रविवार को प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका विषय एड्स : कारण एवं निवारण था। इसमें नीतीश कुमार, सोनू कुमार एवं विक्रम कुमार ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन प्रतिभागियों को गाँधी-विमर्श पुस्तक एवं एक कलम भेंट देकर पुरस्कृत किया गया।

प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि सोमवार को डाॅ. अंबेडकर : जीवन एवं दर्शन पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और प्रथम तीन प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका सीएम साइंस कॉलेज, मधेपुरा के डाॅ. संजय कुमार परमार, बीसीए के समन्वयक डाॅ. के. के. भारती, बायोटेक के प्रणव कुमार प्रियदर्शी एवं राजनीति विज्ञान विभाग के शोधार्थी सारंग तनय ने निभाई।

इस अवसर पर नवनीत कुमार, प्रिंस राज़, नयन कुमार, दिलखुश कुमार, प्रवीण कुमार, राहुल कुमार, बबली कुमारी, आशीष कुमार, सुधांशु सत्यम, सूरज कुमार, सूफ़ी चिश्ती, प्रिंस कुमार, आशीष कुमार, संगम कुमार, आशीष कुमार, राजा बाबू, इन्द्रजीत कुमार, प्रिंस कुमार, ब्युटी कुमारी, सुदर्शन कुमार, पूजा कुमारी, नेहा भारती, नौशाबा परवीन, प्रशांत कुमार, मनीष कुमार आदि उपस्थित थे।
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स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

*साबुन वितरण*

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत वार्ड नंबर चार में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इसके अंतर्गत शिक्षकों और स्वयंसेवक- स्वयंसेविकाओं ने लोगों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी तथा साबुन का वितरण किया गया।

सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने कहा कि हमारे सभी धर्म ग्रंथों में स्वच्छता को देवत्व का समतुल्य माना गया है। साथ ही आधुनिक काल में महात्मा गाँधी एवं डाॅ. अंबेडकर ने भी स्वच्छता पर जोर दिया है। केंद्र सरकार भी स्वच्छ भारत अभियान चला रही है। इस अभियान की सफलता के लिए जन भागीदारी आवश्यक है।

इस अवसर पर वार्ड चार की सोनी कुमारी, रेणु देवी, शोभा देवी, मीरा देवी, निशा कुमारी, सुशीला कुमारी, गीता देवी, सीता देवी, रंजू देवी, तारा कुमारी, साजन कुमारी, नंदानी, अकली देवी, रंजन देवी, गायत्री देवी, मौसम कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, मनीषा कुमारी, रेखा देवी, मीणा देवी, साजन देवी, पूजा देवी आदि उपस्थित थे।
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*आगामी कार्यक्रम*
शिविर के छठे दिन सोमवार को डाॅ. अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर राष्ट्र-निर्माण में डाॅ. अंबेडकर का योगदान विषयक परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि जिला कल्याण पदाधिकारी श्री मनोज कुमार होंगे। साथ ही डाॅ. अंबेडकर : जीवन एवं दर्शन विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा तीन चिकित्सकों यथा- डा. नायडू कुमारी, डा. सुनीति राय एवं डा. ऋचा पल्लवी के निदेशन में चिकित्सा शिविर भी आयोजित होगा।

NSS स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

*साबुन वितरण*

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत वार्ड नंबर चार में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इसके अंतर्गत शिक्षकों और स्वयंसेवक- स्वयंसेविकाओं ने लोगों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी तथा साबुन का वितरण किया गया।

सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने कहा कि हमारे सभी धर्म ग्रंथों में स्वच्छता को देवत्व का समतुल्य माना गया है। साथ ही आधुनिक काल में महात्मा गाँधी एवं डाॅ. अंबेडकर ने भी स्वच्छता पर जोर दिया है। केंद्र सरकार भी स्वच्छ भारत अभियान चला रही है। इस अभियान की सफलता के लिए जन भागीदारी आवश्यक है।

इस अवसर पर वार्ड चार की सोनी कुमारी, रेणु देवी, शोभा देवी, मीरा देवी, निशा कुमारी, सुशीला कुमारी, गीता देवी, सीता देवी, रंजू देवी, तारा कुमारी, साजन कुमारी, नंदानी, अकली देवी, रंजन देवी, गायत्री देवी, मौसम कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, मनीषा कुमारी, रेखा देवी, मीणा देवी, साजन देवी, पूजा देवी आदि उपस्थित थे।