NOU अध्ययन केंद्र का शुभारंभ। विद्यार्थियों को मिलेगा अवसर।

*अध्ययन केंद्र का शुभारंभ*

नालंदा खुला विश्वविद्यालय (एनओयू) देश में दूर शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है। यह पूरे देश और विशेषकर बिहार में शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षा की ज्योति को जन-जन तक पहुंचाना है।

यह बात नालंदा खुला विश्वविद्यालय, पटना के कुलसचिव डाॅ. घनश्याम राय ने कही।

वे मंगलवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में नालंदा खुला विश्वविद्यालय, पटना के अध्ययन केंद्र का उद्घाटन कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि एनओयू की स्थापना 1987 में हुई है। स्थापना काल से ही यह विश्वविद्यालय देश का एक अग्रणी संस्थान है। विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र जिला एवं अनुमंडल स्तर के अंगीभूत महाविद्यालयों तथा प्रखंड स्तर के चुने हुए इंटरमीडिएट विद्यालयों में भी केंद्र है। इधर संबद्ध महाविद्यालयों में भी केंद्र खुल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सभी वर्गों में शिक्षा का अलख जगा है। सुदूर क्षेत्रों तक ज्ञान की ज्योति पहूँच रही है। वैसे लोग जो किसी कारणवश औपचारिक डिग्री प्राप्त नहीं कर पाते हैं, एनओयू उनके लिए वरदान की तरह है।

उन्होंने कहा कि आज ससमय नामांकन, ससमय परीक्षा एवं ससमय परीक्षाफल इस विश्वविद्यालय की पहचान बन गई है। इधर कुछ दिनों से इसका काफी विस्तार हो रहा है। दो माह में 22 अध्ययन केंद्र खुले हैं।

उन्होंने बताया कि एनओयू में 107 विषयों की पढ़ाई होती है। इनमें इंटर, स्नातक, स्नातकोत्तर, स्नातकोत्तर डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि एनओयू के पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा। इनमें बीएलआईएस, एमएलआईएस, एमसीए, योग, पर्यावरण, आपदा-प्रबंधन, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इन्टीरियर डेकोरेशन, कम्प्यूटर नेटवर्किंग, हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद कोर्स भी है।

उन्होंने बताया कि एनओयू के सभी पाठ्यक्रमों की अपनी अध्ययन सामग्री है। यह काफी सरल-सहज भाषा में तैयार की गई है और यह सामग्री सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क दी जाती है। छात्राओं को नामांकन शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। नामांकन की अंतिम तिथि 15 नवंबर तक निर्धारित है। असीमित सीट है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव बताया कि महाविद्यालय में पहले से ही इग्नू का अध्ययन केंद्र संचालित हो रहा है। आगे एनओयू के अध्ययन केंद्र के शुभारंभ होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अधिकाधिक अवसर मिल सकेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अध्ययन केंद्र बिहार का अग्रणी केंद्र बनेगा।

संचालन सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान और धन्यवाद ज्ञापन जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने किया।
इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य ने कुलसचिव को गाँधी-विमर्श पुस्तक भेंट की। स्नेहा कुमारी, नेहा कुमारी, भारती कुमारी एवं अंजली कुमारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर सिंडिकेट सदस्य कैप्टन गौतम कुमार, विभागाध्यक्ष डाॅ. एम. एस. पाठक, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डाॅ. एम. के. अरिमर्दन, अर्थपाल डाॅ. ए. के. मल्लिक, ले. गुड्डु कुमार, डाॅ. अमरेंद्र कुमार, डाॅ. अमिताभ कुमार, डाॅ. जावेद अहमद, डाॅ. कुंदन कुमार सिंह, अमित कुमार, ललन कुमार, डाॅ. सहरयार अहमद, के. के. भारती, सुप्रिता कुमारी, डाॅ. राजकुमार रजक आदि उपस्थित थे।

कुलसचिव ने महाविद्यालय का निरीक्षण किया और इस अध्ययन केंद्र के लिए उपयुक्त पाते हुए तत्काल इसे कोड 242 आवंटित किया। उन्होंने घोषणा की कि आगे यहाँ परीक्षा केंद्र भी बनेगा।

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B. N. Mandal University, Madhepura, Bihar, India

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