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प्रधानाचार्य का दो वर्ष पूर्ण होने पर सम्मान समारोह

प्रधानाचार्य का दो वर्ष पूर्ण होने पर सम्मान समारोह
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ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा का गौरवशाली इतिहास है। हम उस स्वर्णिम इतिहास से प्रेरणा लेकर अपने वर्तमान को समुज्ज्वल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।यह बात महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने कही। वे प्रधानाचार्य के रूप में दो वर्ष पूरा होने पर महाविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर एवं सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया

प्रधानाचार्य ने कहा कि ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय का उनके ऊपर त्रृण है। इसलिए वे इस महाविद्यालय के विकास हेतु हरसंभव मदद उठा रहे हैं। इसमें सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का सहयोग अपेक्षित है।

उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके पिता जनार्दन प्रसाद यादव इसी महाविद्यालय के कर्मी थे और उनको पिता के साथ बचपन से ही इस महाविद्यालय में आने का सुअवसर प्राप्त हुआ। आगे उन्होंने यहां से ही इंटरमीडिएट एवं स्नातक की भी डिग्री ली और सेवाकाल के अंतिम पड़ाव में यहीं शिक्षक एवं प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करने का सौभाग्य मिला।

उन्होंने यह भी बताया गया इस महाविद्यालय के संस्थापक कोसी के मालवीय कीर्ति नारायण मंडल उनके निकट संबंधी थे। उनके आशीर्वाद से ही उन्होंने 1985 ई. में पार्वती विज्ञान महाविद्यालय से शिक्षण-यात्रा की शुरुआत की थी। परिवार से संबद्ध हैं और उन्हीं इसी महाविद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं और हमेशा से इससे उनका हार्दिक लगाव रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रतनदीप ने कहा कि ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय से ही भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का जन्म हुआ है। इसी महाविद्यालय के तत्कालीन प्रधानाचार्य प्रो. रमेंद्र कुमार यादव ‘रवि’ को विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति होने का गौरव प्राप्त है। उनके बाद भी यहां के कई शिक्षकों ने बीएनएमयू एवं अन्य विश्वविद्यालयों में कुलपति एवं कुलसचिव आदि के पदों को सुशोभित किया है।

उन्होंने कहा कि वे डॉ. कैलाश को बचपन से ही जानते हैं। इनको महाविद्यालय से अतिरिक्त लगाव है और ये पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ इसके विकास हेतु प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि प्रो. यादव ने दो वर्षों में काफी कार्य किया है। आगे इनसे और भी उम्मीदें हैं।

इसके पूर्व सभी उपस्थित लोगों ने प्रधानाचार्य का अंगवस्त्रम् एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। उन्हें मुख्यमंत्री व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र द्वारा प्रकाशित डायरी और गांधी-विमर्श पुस्तक भी भेंट की गई।

इस अवसर पर नोडल पदाधिकारी पदाधिकारी डॉ. मोहित गुप्ता, डॉ. विजया, डॉ. यास्मीन रासीदी, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. अमिताभ कुमार, संजीव कुमार सुमन, डॉ. मीनू सोढ़ी, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. शहरयार अहमद, डॉ. हरित कुमार कृष्ण, डॉ. अंकेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार सेठी, डॉ. ललन कुमार, डॉ. विकास आनंद, डॉ. नदीम अहमद अंसारी, विनीत राज, डॉ. के. एल. पटेल, अमित कुमार, डॉ. अशोक कुमार अकेला, विवेकानंद, नारायण ठाकुर, राजा, नंदन कुमार भारती, अर्जुन शाह, मणीष कुमार आदि उपस्थित थे।